पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता कार्बी आंग्लांग : पश्चिम कार्बी आंग्लांग जिले के खेरोनी में गत 15 फरवरी को हुई घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी दोनो पहाड़ी जिलों में तनाव बरकरार है। इस मामले को लेकर एक और जहां हिंदीभाषी समुदाय के लोगों मे भय का माहौल बना हुआ है। वहीं तीन दिनों से लगातार बिहारी भगाओ के नारे लगने से वर्षों से यहां बसने वाले बिहारी समुदाय के लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। घटना के तीसरे दिन आज रविवार को दोनों पहाड़ी जिलों में रहने वाले बिहारी समुदाय के लोगों में खौफ का मंजर साफ नजर आ रहा था। इधर पश्चिम कार्बी आंग्लांग में विभिन्न दल-संगठनों का प्रतिवाद और अघोषित बंद भी जारी रहा। हालांकि पूर्वी कार्बी आंग्लांग के सदर शहर डिफू, बकुलियाघाट, बोकाजान और हाऊराघाट में भी स्थिति सामान्य देखने को मिला। कहीं बंद तो कहीं दुकान व बाजार खुले रहे। इस बीच कार्बी छात्र संस्था के सचिव जॉर्ज तिमुंग के एक वीडियो बयान से हिंदीभाषियों कारोबारियों में भय का माहौल अधिक देखने को मिला।
तिमुंग ने अपने बयान में कहा है कि कार्बी आंग्लांग जिले में हिंदीभाषी, बिहारी लोगों को छोड़कर सभी समुदाय के लोग अपना-अपना कारोबार कर सकते हैं। वीडियो में बिहारियों को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने को कहा गया है, अन्यथा कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार वे खुद होंगे। उनके इस बयान के बाद से ही जिले में बसे हिंदीभाषी व्यापारियों में डर देखने को मिला। इधर फुलनी इलाके में आज कुछ संगठनों ने घटना को लेकर एक विरोध रैली निकाली, जिसमे पुन: बिहारी गो बैक, बिहारी भगाओ आदि नारे लगाए गए, जिसके कारण हिंदीभाषी लोगो मे घबराहट की स्थिति देखने को मिली। इधर इस पूरे मामले को लेकर कल 19 फरवरी को कार्बी आंग्लांग स्वायत शासी परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलीराम रोंगहांग की अध्यक्षता में कार्बी आंग्लांग जिला परिषद के परिसर में शाम चार बजे से एक बैठक का आयोजन किया गया है।
इस बैठक में मुख्य रूप से पीजीआर और वीजीआर के जमीन विवाद को लेकर प्रतिवाद कर रहे संगठन क्रमश: ऑटोनोमस स्टेट डिमांड समिति (एएसडीसी), कार्बी छात्र संस्था(केएसए)और केएनसीए नामक महिला संगठन के सदस्य शामिल होंगे। इसके पश्चात 20 फरवरी, मंगलवार को कार्बी आंग्लांग के सभी राजनीतिक दलों और संगठनों के अलावा पूर्व विधायक, सांसद, मंत्री कार्बी परिषद के सभी पार्षद आदि के साथ पीजीआर और वीजीआर की जमीन में रहने वालों लोगो पर एक विशेष चर्चा की जाएगी। उस बैठक में सामने आने वाला फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं आज एएसडीसी दल ने डिफू में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कर सभी को शांति बनाए रखने का अपील की। साथ ही एएसडीसी दल ने किसी बंद का ऐलान नही किया है, इस बात को भी साफ किया। साथ ही कार्बी आंग्लांग जिले मे रह रहे सभी जाति जनजाति के लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।