पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता कार्बी आंग्लांग : पश्चिम कार्बी आंग्लांग जिले के खेरनी चाराली में गत 15 फरवरी को दो समुदायों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद बनी तनाव की स्थिति अब भी बनी हुई है। दो दिन बीत जाने के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस दौरान कार्बी आंग्लांग के विभिन्न इलाकों से पुलिस ने अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि खेरनी में बृहस्पतिवार को प्रोफ्रे शनल ग्रेजिंग रिजर्व लैंड (पीजीआर) और विलेज ग्रेजिंग रिजर्व (वीजीआर) को बेदखल मुक्त कराने की मांग को लेकर कार्बी छात्र संस्था और ऑटोनोमस स्टेट डिमांड समिति के युवा मोर्चा द्वारा विरोध-प्रदर्शन किए जाने के बाद अचानक शाम को उनके एक गुट का खेरनी चाराली में दूसरे पक्ष के लोगों के साथ कहासुनी हुई और बाद में यह बहस मारपीट में बदल गई, जिसमें करीब नौ लोग घायल हुए थे। इस मामले में कार्बी छात्र संस्था और एएसडीसी युवा मोर्चा के सदस्यों को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें डिफू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस घटना के बाद से ही कार्बी आंग्लांग और पश्चिम कार्बी दोनों पहाड़ी जिलो में हजारों की संख्या में कार्बी छात्र संस्था के नेतृत्व में और कार्बी आंग्लांग के अन्य दल-संगठनों की मदद से प्रतिवाद का दौर शुरू हो गया है। आज घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी दोनों पहाड़ी जिलों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दोनों पहाड़ी जिलों में अघोषित बंद का दौर जारी है। आज भी पश्चिम कार्बी आंग्लांग पूरी तरह बंद रहा और पीजीआर व वीजीआर लैंड में रहने वाले हिंदीभाषी लोगों के निष्कासन की मांग की गई। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जा रहा है, जबकि पूर्व कार्बी आंग्लांग जिले में आज माहौल अधिक उत्तेजित रहा। सुबह से ही जिले का सदर शहर डिफू पूरी तरह बंद रहा। इसके अलावा बकुलियाघाट में कार्बी छात्र संस्था, समेत अजायुछाप, आसू सहित कई अन्य संगठनों ने एक साथ मिलकर खेरनी कांड के विरोध में एक रैली निकाली और जोरदार प्रदर्शन किया,जबकि डकमका में कुछ युवा द्वारा निकाली गई रैली में बिहारी गो बैक, बिहारी मुर्दाबाद, बिहारियों को कार्बी आंग्लांग से भगाओ जैसे नारे लगाकर माहौल को और गरम कर दिया गया।

इस बीच बोकाजान में नागरिक समिति द्वारा कल एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें कार्बी संगठन के विभिन्न प्रतिनिधि और भोजपुरी, हिंदीभाषी संगठन के प्रतिनिधि तथा स्थानीय महकमा प्रशासन व पुलिस कर्मी उपस्थित थे। सभा में सभी से बोकाजान में शांति बनाए रखने को लेकर बातचीत हुई, लेकिन इसके बावजूद आज भी बोकाजान में कुछ लोगों ने आकर सभी दुकानों को जबरन बंद करवा दिया और जगह-जगह आंदोलन किया गया। इस अघोषित बंद के कारण दोनों पहाड़ी जिले में आम जनजीवन थम-सा गया और आज भी जारी बिहारी भगाओ आंदोलन के कारण पूरे कार्बी आंग्लांग में हिंदीभाषी लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। हालांकि प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने में रचनात्मक नुनिया संयुक्त संघ नामक एक संगठन ने उक्त अंचल में बसने और जमीन का अधिकार मिलने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा था और इस बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से जिले में कार्बी छात्र संस्था और एएसडीसी नामक राजनीतिक दल द्वारा इसके विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था।

लेकिन गत 15 फरवरी को यह प्रदर्शन जब पश्चिम कार्बी आंग्लांग में हुआ तो विरोध-प्रदर्शन हिंसात्मक रूप में बदल गया। इस बीच कार्बी आंग्लांग स्वायत शाषित परिषद द्वारा इस दिशा में उचित कार्रवाई करने के साथ दोषियों को सजा देने की बात कही है। इधर प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को लेते हुए दोनों पहाड़ी जिलों में धारा 144 लागू कर दी है। वहीं कार्बी छात्र संस्था, हिंदीभाषी संस्था, अखिल असम भोजपुरी परिषद लगातर दोनों पहाड़ी जिलों में शांति बहाल रखने और आपसी भाईचारे को बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।