पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी, सिलचर : सरकार के लिए हर परीक्षा अग्निपरीक्षा प्रतीत हो रही है। चाहे वह नौकरी भर्ती परीक्षा हो या मैट्रिक और उच्चतर माध्यमिक जैसी शैक्षणिक वार्षिक परीक्षा हो प्रश्नपत्र लीक होना या भर्ती प्रक्रिया में घोटाले और अनियमितताएं होना एक परंपरा बन गई है। मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन अंग्रेजी के प्रश्न पत्र लीक हो गया। दूसरे शब्दों में इस समय मैट्रिक और उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में शिक्षा विभाग खुद ही फेल हो गया। उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में एक घंटे और मैट्रिक परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद ही प्रश्नपत्र मोबाइल के व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। इस पर भी असफल शिक्षामंत्री डॉ. रनोज पेगु प्रश्नपत्र लीक होने की बात से इनकार करते रहे हैं। मैट्रिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक हो जाने के बावजूद शिक्षा मंत्री के मौखिक खंडन से अभिभावकों और अभ्यर्थियों को झटका लगा है। शुक्रवार की सुबह नौ बजे परीक्षा शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद बराक घाटी में मैट्रिक परीक्षा के अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक हो गया।  कुछ उम्मीदवारों के माता-पिता के मोबाइल व्हाट्सएप पर  अंग्रेजी का संपूर्ण प्रश्न पत्र वायरल होने की खबर  मीडिया में प्रचारित हुआ। इस घटना के बाद कछार के बासकांडी नेना मिया हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र से प्रश्रपत्र लीक होने के आरोप लगाया गया। इस घटना में केंद्र के  निरीक्षक के दायित्वभार संभाल रहे एक शिक्षक पर संदेह किया गया। वायरल प्रश्नपत्र कछार जिला प्रशासन को भी मिला और कछार डीसी राजीव राय और पुलिस अधीक्षक नोमल महतो निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। इसके बाद प्रशासन ने परीक्षा केंद्र परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी और परीक्षा संपन्न होने का इंतजार किया। पुलिस को संदेह था कि केंद्र के किसी शिक्षक या अभ्यर्थी ने प्रश्नपत्र लीक कर दिया था और इसे अपने मोबाइल फोन पर किसी के साथ साझा किया था। हालांकि, परीक्षा के अंत में प्रत्येक अभ्यर्थी और शिक्षक की गहन जांच की गई और किसी के पास मोबाइल फोन नहीं मिला। पुलिस ने सह परीक्षा निरीक्षकों से भी काफी देर तक पूछताछ की लेकिन कोई संदिग्ध जानकारी नहीं मिल सकी। इसलिए कछार पुलिस प्रशासन का संदेह है कि प्रश्रपत्र बाशकांडी परीक्षा केंद्र से नहीं बल्कि कहीं और से लीक किया गया है। कछार डीसी राजीव राय ने संवाददाताओं को बताया कि मोबाइल फोन पर वायरल हुए प्रश्न पत्र के स्रोत की जांच की जा रही है। कछार के पुलिस प्रशासन के पास इस बात के स्पष्ट सबूत होने के बावजूद कि मैट्रिक परीक्षा के अंग्रेजी के प्रश्नपत्र लीक हो गया है और मोबाइल के व्हाट्सएप पर वायरल हो गए हैं, शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगु ने दावा किया कि मैट्रिक का कोई भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। एक भी परीक्षा सुचारु रूप से नहीं करा पाने वाले शिक्षा मंत्री डॉ. पेगू ने अपनी विफलता स्वीकार करने के बजाए मैट्रिक प्रश्नपत्र लीक होने को झूठा प्रचार करार दिया। शिक्षा मंत्री ने एक कदम आगे बढ़कर प्रश्नपत्र लीक मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के बजाए मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए जानबूझकर झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने ऐसी झूठी खबरें फैलाने वालों की जांच करने की धमकी भी दी। शिक्षा मंत्री ने प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों से इनकार किया, लेकिन शुक्रवार को परीक्षा शुरू होने के एक घंटे के भीतर विभिन्न पत्रकारों को वायरल प्रश्नपत्र मिला। मैट्रिक परीक्षा के पहला दिन शुक्रवार को न केवल प्रश्नपत्र लीक हुए बल्कि कई तरह की उलझनों के साथ बीता। पश्चिम कार्बी आंग्लांग जिले के एक परीक्षा केंद्र पर अंग्रेजी के प्रश्नों की जगह असमिया विषय के प्रश्न पत्रों का पैकेज मिलने के बाद केंद्र में काफी तनाव था। पश्चिम कार्बी आंग्लांग जिले के हबाईपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्रों का पैकेज खोलने पर पता चला कि अंग्रेजी के प्रश्नपत्र के स्थान पर असमिया भाषा के प्रश्नपत्र  मिले हैं। प्रश्नपत्रों का पैकेज देख केंद्राध्यक्ष हैरान रह गए। इस घटना के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई और आधे घंटे देरी से जेरोक्स प्रश्नपत्रों से परीक्षा आयोजित कराई गई। स्कूल अधिकारियों ने असमिया प्रश्न पत्रों के खुले पैकेज को सेबा को वापस करने की व्यवस्था की है। हालांकि, यह समय पर स्पष्ट हो जाएगा कि असमिया की परीक्षा इन प्रश्न पत्रों के साथ आयोजित की जाएगी या नहीं क्योंकि परीक्षा से पहले असमिया प्रश्न पत्रों के पैकेज खोले गए हैं। इस बीच परीक्षा समाप्त होने के बाद सीआरपीएफ ने पश्चिम बिलासीपाड़ा के बरकंडा पीपुल्स एकेडमी हायर सेकेंडरी मॉडल स्कूल के परीक्षा केंद्र पर लाठियां बरसाईं। सीआरपीएफ द्वारा अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों पर लाठियां बरसाने पर कई लोग घायल हो गए। गौरतलब है कि परीक्षा से पहले धुबड़ी, कोकराझाड़, जोनाई, बरपेटा आदि कई स्थानों पर परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वारों में तलाशी लेने पर अभ्यर्थियों से भारी मात्रा में नकल बरामद की गई।