प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की त्वरित कूटनीति के कारण मध्य-पूर्व में भारत का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, ओमान सहित अनेक मुस्लिम देशों के साथ भारत के संबंधों में लगातार सुधार हो रहा है। संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में स्वामी नारायण का भव्य मंदिर इसका जीता-जागता उदाहरण है। मुस्लिम देश यूएई में वहां की सरकार की अनुमति से हिंदू मंदिर बनना यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते कितने प्रगाढ़ हुए हैं। 27 एकड़ जमीन पर बने इस मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलों से पिछले 14 फरवरी को संपन्न हुआ है। यहां सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां बिराजमान हैं। वहां के लोगों का उत्साह देखते हुए ऐसा लग रहा था मानो रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की पुनरावृत्ति हो रही है। भारत और यूएई के संबंध 1971 के बाद से ही परवान चढ़ने लगा था। प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें व्यापार और निवेश, डिजिटल बुनियादी ढांचा, फिनटेक, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, रणनीतिक साझेदारी सहित विभिन्न मुद्दों पर कई समझौते हुए। दोनों देश भारत-पश्चिम एशिया कॉरिडोर के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं। वर्ष 2015 से लेकर अब तक प्रधानमंत्री यूएई का पांच बार दौरा कर चुके हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। यूपीआई और रुपे कार्ड का भी दोनों देशों के नेताओं ने शुभारंभ किया। यूएई भारत में लगातार निवेश बढ़ा रहा है। यूएई पहला मुस्लिम देश है जो जम्मू-कश्मीर में निवेश कर रहा है। अरब एवं तेल उत्पादक देशों में सऊदी अरब के बाद यूएई का महत्वपूर्ण स्थान है। धार्मिक कूटनीति को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री ने अबू धाबी के मंदिर को सांप्रदायिक सौहार्द्र एवं वैश्विक एकता का प्रतीक बताया। यूएई में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की विभिन्न कामयाबियों को गिनाया। मुस्लिम देशों में मोदी की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि सात मुस्लिम देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से उनको सम्मानित किया है। प्रधानमंत्री यूएई के बाद कतर के दौरे पर भी हैं। हाल ही में कतर ने नौसेना के आठ अवकाशप्राप्त अधिकारियों की फांसी की सजा माफ कर दी है। कतर की कोर्ट ने पहले इन आठ पूर्व अधिकारियों को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी। प्रधानमंत्री मोदी एवं विदेश मंत्री जयशंकर की कूटनीति ने रंग लाई। अब भारत और कतर के बीच गैस आपूर्ति का बड़ा समझौता हुआ है जिसमें कतर भारत को रियायती दर पर 2048 तक गैस की आपूर्ति करेगा। पहले ऐसा लग रहा था कि भारत और कतर का संबंध पटरी से उतर रहे हैं, किंतु अब संबंधों में प्रगाढ़ता आ गई है। पड़ोसी देश पाकिस्तान आश्चर्यचकित है कि तालिबान एवं हमास जैसे आतंकी संगठनों को शरण देने वाला कतर अचानक भारत पर इतना मेहरबान कैसे हो गया? ओमान जैसे देश ने अपने एक बंदरगाह को नौसैनिक गतिविधियों के लिए भारत के उपयोग पर सहमति जता दी है। ओमान का वह बंदरगाह रणनीतिक एवं भौगोलिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। इस बंदरगाह के नौसैनिक गतिविधियों के लिए अनुमति से भारत पाकिस्तान के ग्वादर तथा जिबूती स्थित चीन के नौसैनिक अड्डों पर नजर रख सकेगा। मालूम हो कि हिंद महासागर भारत तथा चीन के बीच टकराव का मुद्दा बना हुआ है। दोनों ही देश इस क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने में लगे हैं। सऊदी अरब के साथ भी भारत का सामरिक संबंध लगातार मजबूत हो रहा है। ईरान जैसे देश के साथ भारत का संबंध बेहतर हो रहा है। मिस्र के राष्ट्रपति भी भारत के दौरे पर आए थे। उसके बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में काफी प्रगति हुई है। मध्य-पूर्व में भारत की स्थिति मजबूत होने से देश को आर्थिक एवं सामरिक दोनों क्षेत्रों में मजबूती मिलेगी तथा चीन का दबदबा कम होगा।
मध्य-पूर्व में भारत का दबदबा
