पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : असम सरकार ने मंगलवार को श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र परिसर के श्रीमंत शंकरदेव हॉल में आयोजित एक समारोह में सामाजिक जीवन के 22 अग्रदूतों को उनकी समर्पित सेवा के लिए राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान-2023 से सम्मानित किया। गौरतलब है कि असम सरकार ने इस वर्ष असम वैभव, असम सौरभ और असम गौरव पुरस्कार के लिए कुल 22 प्रतिष्ठित हस्तियों का चयन किया। सर्वोच्च नागरिक सम्मान असम वैभव पुरस्कार सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और वर्तमान में राज्यसभा सांसद रंजन गोगोई को प्रदान किया गया। इसी तरह डॉ. किशन चंद्र नौरियाल, एल्विस अली हजारिका, हिमा दास और नंदीराम देउरी इन चार लोगों को असम सौरभ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। असम गौरव पुरस्कार 17 लोगों को प्रदान किया गया, इनमें रंजीत कुमार गोगोई, पार्वती बरुवा, देवजीत चांगमाई, द्रोण भुइयां, नीलम दत्त, अनुपम डेका, सौम्यदीप दत्त, वसंत सिरिंग  फुकन, मनेंद्र डेका, मीनाक्षी चेतिया, पखिला लेकथेपी, तेनजिंग बडोचा, निर्मल डे और जैसिन कुंबा पाव, मैरी हसा, उपेन्द्र राभा और राहुल गुप्ता शामिल हैं।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा की उपस्थिति में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पुरस्कार प्रदान किए। समारोह के प्रारंभ में असम सरकार के मुख्य सचिव पवन  कुमार बरठाकुर ने उद्देश्यों के बारे में बताया। पुरस्कार प्रदान करने के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि मैं आज इस कार्यक्रम में आकर बहुत प्रभावित हुआ हूं और भावी पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए इस तरह के पुरस्कारों का आयोजन करने के लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा को धन्यवाद देना चाहता हूं। रंजन गोगोई एक सफल विधिवेत्ता हैं और मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जटिल कानूनी मुद्दों को सफलतापूर्वक हल किया है। आज हमारा देश वैसा नहीं है जैसा पहले हुआ करता था। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अगले तीन वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकल के लिए वोकल के माध्यम से आर्थिक राष्ट्रवाद को मजबूत करना चाहिए।

हमें देश से कच्चे माल का निर्यात भी बंद करना होगा। एक समय था जब हमें देश का सोना गिरवी रखकर आर्थिक स्थिति से निपटना पड़ता था। आज मेरे सामने राज्यसभा सांसद भुवनेश्वर कलिता भी बैठे हैं। 1989 में हम दोनों लोकसभा सांसद थे और तब हमें दो विमानों में सोना ले जाकर विदेश में गिरवी रखना पड़ा था। आज भारत का वह दिन नहीं है। नरेन्द्र मोदी के कुशल एवं सशक्त नेतृत्व में देश विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। इस दौरान उपराष्ट्रपति धनखड़ ने पुरस्कार विजेताओं को राज्यसभा सत्र के दौरान एक दिन के लिए नई दिल्ली में आमंत्रित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा से इस सिलसिले में पहल करने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, असम विधानसभा के अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी, असम मंत्रिमंडल के कई सदस्य, सांसद क्वीन ओजा, दिलीप सैकिया, भुवनेश्वर कलिता, सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन के कई विधायक और असम सरकार के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति धनखड़ नई दिल्ली से एक विशेष उड़ान से अपराह्न 3.35 बजे बोरझार के लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। सम्मान समारोह के बाद वे शाम को 7ः15 बजे नई दिल्ली लौट गए।