वित्त मंत्री अजंता नेउग ने वर्ष 2024-25 के लिए असम के लिए 2.9 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया, जिसका घाटा 774.47 करोड़ है। इस बजट में कोई नए कर का प्रस्ताव नहीं है। इस वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए बजट में ज्यादा से ज्यादा राहत दी गई है। समाज के सभी तबकों को खुश करने का प्रयास किया गया है। समाज में बाल-विवाह से निपटने के लिए दस लाख लड़कियों की स्नातकोत्तर स्तर तक की शिक्षा का समर्थन करने के लिए वित्तीय अनुदान का प्रस्ताव रखा गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पर्याप्त धन आवंटन कर पिछले वर्ष के समान फोकस किया गया है। कृृषि के क्षेत्र में कोई विशेष पहल दिखाई नहीं दे रही है। असम सरकार का दावा है कि पिछले दस वर्षों के दौरान 80 लाख लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाल दिया गया है।
अगर यह सही है तो सरकार को लोगों के लिए इतनी लाभकारी योजनाएं देने की जरुरत क्या है? हरित और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बजट में नई इमारतों के लिए छत पर सौर सुविधाएं अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। यह सराहनीय कदम है। बजट में समृद्ध सांस्कृृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए मां कामाख्या कॉरिडोर का निर्माण, सत्रों तथा उसके आसपास की भूमि का संरक्षण, अयोध्या की तीर्थ यात्रा, भाओना तथा रास-लीला को प्रोत्साहित करने के मुद्दे को शामिल किया गया है। पुण्य तीर्थ योजना के तहत 25 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है, जिसके तहत कुल 25 हजार श्रद्धालुओं को राम मंदिर का दर्शन करवाया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके माध्यम से राम मंदिर के मुद्दे को चुनाव से जोड़ने की कोशिश की है। बजट में भर्ती में गैर-सरकारी कर्मचारी परिवारों के उम्मीदवारों के लिए पांच प्रतिशत वेटेज रखा गया है।
व्यापारियों के लिए बजट में कोई खास सुविधा देखने को नहीं मिल रही है। फैंसी बाजार के थोक बाजार को महानगर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रावधान से गुवाहाटी के व्यापारियों में निराशा हुई है। फैंसी बाजार के व्यापारियों ने पिछले महीने राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध किया था तथा इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार अपने फैसले पर अडिग रहना चाहती है। बजट में प्रत्येक एमबीबीएस छात्र को अब एक परिवार को गोद लेने के प्रावधान से स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छी पहल होगी। इसका लाभ लोगों को तभी मिलेगा जब इसका सही कार्यान्वयन होगा। सरकार ने राज्य में ढांचागत सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। केंद्र सरकार भी इसी नीति पर काम कर रही है। बजट में 2024 में रोजगार के अवसर पैदा करने पर अपेक्षित ध्यान दिया गया है। इस वर्ष एक लाख से अधिक नौकरियों का लक्ष्य हासिल करने के बाद सरकार राज्य में उद्यमिता को मजबूत करने पर फोकस कर रही है। चाय बागान समुदाय की भलाई पर बजट में विशेष जोर दिया गया है। कुल मिलाकर यह बजट लोकसभा चुनाव जिताऊ बजट कहा जा सकता है।