पूर्वांचल प्रहरी संवाददाता गुवाहाटी: मंत्री और विधायक वर्षों से आकर्षक वेतन, बोनस और लाखों रुपए के अन्य लाभों के साथ मुफ्त बिजली सेवाओं का आनंद लेते आए हैं। दिसपुर में प्रसादोपम मंत्री भवनों और विधायक आवासों में हजारों यूनिट बिजली खर्च और बर्बाद की जा रही है, लेकिन इस बिजली के बदले कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से शुल्क का भुगतान नहीं करता है। रात तो क्या दिन में भी बिजली बंद नहीं करने वाले मंत्री के आवासों में अब शायद बिजली की बर्बादी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने मंत्रियों के सरकारी आवासों में निजी प्रीपेड मीटर लगाने का निर्देश दिया है। सीएम ने बिजली विभाग को न सिर्फ मंत्रियों को, बल्कि नौकरशाहों के सरकारी आवासों में भी प्री-पेड मीटर लगाने का निर्देश दिया है। यानी दशकों से सरकारी आवासों में रहने वाले मंत्री, विधायक और नौकरशाह सरकार के लाभार्थियों के रूप में लगभग मुफ्त बिजली का आनंद ले रहे हैं। ऐसे कई मंत्री, विधायक और नौकरशाह हैं जो अपने शयनकक्षों से लेकर स्टोर रूम तक 2-3 एसी के साथ सरकारी खर्च पर मुफ्त बिजली का आनंद ले रहे हैं। लेकिन अब से मंत्रियों और अधिकारियों को सरकारी आवास में रहने पर भी बिजली सब्सिडी नहीं मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार सुबह एक ट्वीट में बिजली विभाग को मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के सरकारी आवासों में निजी प्री-पेड मीटर लगाने का निर्देश दिया और यह सुनिश्चित किया कि मंत्री, नौकरशाह और सरकारी कर्मचारी सब्सिडी वाली बिजली का लाभ नहीं उठा सकें। मुख्यमंत्री ने हाल ही में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा था कि उन्हें पहली बार पता चला है कि मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के वेतन से नाममात्र मासिक बिजली बिल की कटौती की जाएगी। उन्होंने तुरंत विभागीय अधिकारियों को हर सरकारी घर में प्री-पेड मीटर लगाने का निर्देश दिया।
उन्होंने इसमें मंत्री आवासों को भी शामिल करने को कहा है कि यह सुनिशिचत करने का भी निर्देश दिया है कि मंत्री, अधिकारी या सरकारी कर्मचारी सब्सिडी वाली बिजली का आनंद नहीं ले सकें। सीएम के ट्वीट पर भाजपा विधायक मृणाल शैकिया ने टिप्पणी की, जिन्होंने एमएलए छात्रावासों में समान उपाय लागू करने का आह्वान किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों या सरकारी आवासों में प्री-पेड मीटर लगाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों या सरकारी कार्यालयों में बिजली की बर्बादी को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं।