पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता गुवाहाटी : शनिवार को असम मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें यह फैसला किया गया कि निकट भविष्य में असम के 10 शहरों में एक साथ केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को एक साथ शुरू की जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद लोकसेवा भवन के सभागार में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मंत्री जयंत मल्लबरुवा ने कहा कि समय की बचत को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने फैसला किया कि निकट भविष्य में केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं के कार्य को एक साथ शुरू की जाएगी। इनमे तिनसुकिया, जोरहाट, डिब्रूगढ़, शिवसागर, गोलाघाट, नगांव, तेजपुर, लखीमपुर, बंगाईगांव, करीमगंज, धुबड़ी और डिफू या दिमा हसाउ शहर को पहले चरण में शामिल करने का फैसला किया गया है। हालांकि इन शहरों के साथ अन्य और शहरों के नाम भी शामिल हो सकते हैं।

मंत्री जयंत ने कहा कि असम में चिकित्सा के नाम पर विभिन्न प्रकार की हिलिंग, झाड़-फूंक, ओझा-गुणी, जादू-टोना सहित अन्य तरह से उपचार करने वालो की रोकथाम के लिए असम सरकार ने असम हिलिंग प्रिवेंशन ऑफ एविल प्रैक्टिस बिल-2024 का अनुमोदन किया। इस नियम को भंग करने वालों के खिलाफ जुर्माना लेने के साथ ही उन्हें कड़ी कर दी जाएगी। उन्होंने साफ करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति इस प्रकार के हिलिंग से लोगों की चिकित्सा से संबंधित अपने कार्यक्रम के बारे में प्रचार-प्रसार नहीं कर सकता है, अगर वे सरकार द्वारा पाबंदियों को नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज की कैबिनेट बैठक में नामदांग संरक्षित वनांचल इलाके में एक खुले चिड़ियाखाना बनाने का फैसला किया गया है। इसके लिए 259 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। इसके अलावा गांवरक्षी वाहिनी के नाम में संशोधन किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि आज म्यूनिसिपल एक्ट 1956 के तहत असम अरबन फाइनेंशियल सर्विस, असम इंजीनियरिंग सर्विस और असम एटमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में संशोधन और असम सचिवालय एवं सहयोग सेवा के क्षेत्र में नए पदों को सृजन करने के अनुमोदन किया है। कैबिनेट के बाद मंत्री जयंत मल्लबरुवा ने मीडिया से कहा कि कैबिनेट ने 12 फरवरी को पेश होने वाले 2023-24 बजट को मंजूरी दे दी।