पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता गुवाहाटी : आज की तारीख में आधार कार्ड के बिना कोई भी काम नहीं होता है, लेकिन असम में कुछ कारणों  से आज भी 26 लाख से अधिक लोगों का आधार कार्ड नहीं बन पाया है। असम विधानसभा के बजट सत्र में शून्यकाल के दौरान संसदीय कार्यमंत्री पीयूष हजारिका ने एआईयूडीएफ के विधायक आमिनुल इस्लाम द्वारा इस मुद्दे को सदन में उठाने पर जवाब देते हुए कहा कि अन्य राज्यों की अपेक्षा असम की परिस्थिति अलग है। असम अंतर्राज्यी और अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ प्रदेश होने के साथ ही यहां संदिग्ध नागरिकों का भी मामला है, जिसके कारण सीमवार्ती क्षेत्रों में आधार कार्ड का काम नहीं हुआ है।

संसदीय मामलों के मंत्री हजारिका ने सदन में स्पष्ट करते हुए कहा कि एनआरसी का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, जिन लोगों के नाम एनआरसी में नहीं आए हैं उनका भी आधार नहीं बनाया गया। यह पूरा मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। जब तक सर्वोच्च न्यायालय की ओर से कोई आदेश नहीं आएगा तब तक सीमाई क्षेत्र सहित अन्य इलाकों में भी आधार कार्ड का काम शुरू नहीं होगा। विपक्ष के नेता आमिनुल इस्लाम ने कहा कि असम के कई जिलों में आधार कार्ड नहीं होने के कारण लोगों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आधार कार्ड के अभाव में केंद्र तथा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। साथ ही बैंक खाता और राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले के निपटारे के लिए एक प्रस्ताव दे ताकि बचे हुए लोगों का आधार कार्ड बनाया जा सके।