पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : कर्ज में डूबी असम सरकार के राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए फिलहाल शराबी ही एकमात्र उम्मीद बन गए हैं। असम में शराबियों से सरकार रोजाना औसतन 12.50 करोड़ रुपये वसूलती है। सरकारी खजाने में शराबियों के इस योगदान से उत्साहित होकर सरकार अब 149 नई शराब दुकानों के लिए लाइसेंस जारी करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये आंकड़े असम विधानसभा में आबकारी मंत्री परिमल शुक्लवैद्य ने जारी किए। बुधवार को विधानसभा में आबकारी मंत्री परिमल शुक्लबैद्य ने कांग्रेस विधायक रेकीबुद्दीन अहमद के लिखित प्रश्न के उत्तर में कहा, असम ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 के 10 महीनों में शराब से कुल 3816.18 करोड़ रुपए जुटाए हैं।

इसमें से आबकारी राजस्व 2459.04 करोड़ रुपए और मूल्य वर्धित कर (वैट) 1357.14 करोड़ रुपए हैं। विधानसभा में दाखिल तथ्य के अनुसार भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान शराब से कुल 16,428.51 करोड़ रुपए का कर एकत्र किया है। मंत्री शुक्लवैद्य ने कहा कि राज्य में 1,707 विदेशी शराब की दुकानें, 923 बार और 373 घरेलू शराब की दुकानों को लाइसेंस दिया गया है।

इसके अलावा आबकारी विभाग ने 203 नई शराब दुकानों के लाइसेंस के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई वाइन शॉप लाइसेंस के लिए बजाली में 5, विश्वनाथ में 9, बंगाइगांव में 6, कछार में 4, चिरांग में 6, दरंग में 9, धेमाजी में 8, धुबरी में 9, डिब्रूगढ़ में 3, हैलाकांडी में 2, होजाई में 3, जोरहाट में 3, कामरूप मेट्रोपॉलिटन में 29, कामरूप में 4, कार्बी आंगलोंग में 17, लखीमपुर में 21, मोरीगांव में 2, नगांव में 5, सिबसागर में 4, सोनितपुर में 16, तिनसुकिया में 18, उदलगुड़ी में 2, पश्चिम कार्बी आंग्लांग में 4, कोकराझार में 12, एक गोलाघाट में 1 और एक डिमा हसाओ में 1 टेंडर मांगे जा रहे हैं।