प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में यह घोषणा कर दी कि उनकी सरकार तीसरे कार्यकाल के लिए भारी बहुमत से सत्ता में लौट रही है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाये गए धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष द्वारा उठाये गए सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता के मिजाज को देखते हुए ऐसा लगता है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 400 से ज्यादा सीटें मिलेगी, अकेले भाजपा 370 सीटों पर विजय हासिल करेगी। लोकसभा में प्रधानमंत्री मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर काफी हमलावर दिखे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने गठबंधन को भी संभालने में विफल रही है। इंडिया गठबंधन पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि अब इंडिया गठबंधन बिखर चुका है तथा इनकी पाॢटयों को अकेला चलने पर विवश होना पड़ रहा है।
मालूम हो कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में अकेले लडऩे का ऐलान किया है। ममता ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा है कि कांग्रेस को अपने 40 सीटों को बचाने के लिए प्रयास करना चाहिए। इंडिया गठबंधन के सूत्रधार पहले ही नाता तोड़कर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो गए हैं। प्रधानमंत्री लोकसभा में काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने चुन-चुनकर विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब दिया। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाने, सैकड़ों अप्रासंगिक कानूनों को खत्म करने तथा केंद्र की विभिन्न लाभकारी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पिछली सरकारों के मुकाबले काफी तेजी से काम किया है। रूस-यूक्रेन एवं इजरायल-हमास युद्ध तथा कोरोना के कहर के बावजूद वर्तमान सरकार ने महंगाई को नियंत्रण में रखा।
ईडी, सीबीआई एवं आयकर एजेंसियों पर विपक्षी हमले पर करारा जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, चाहे उसके लिए सरकार को कोई कीमत चुकानी पड़े। प्रधानमंत्री ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. जवाहर लाल नेहरू एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के कामकाज की तुलना अपनी सरकार से की। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री ने उसी अंदाज में अपनी सरकार की कामयाबी एवं भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। परिवारवाद पर अपनी सरकार का रुख भी स्पष्ट किया। लोकसभा एवं राज्यसभा में प्रधानमंत्री का भाषण सुनकर ऐसा लगा जैसे वे अब पूरी तरह चुनावी मोड में आ गए हैं। अयोध्या में रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद भाजपा के हौसले बुलंद हैं।
देश के धार्मिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से भेंट कर प्रधानमंत्री ने देश-विदेश को यह स्पष्ट संकेत दिया है कि उनकी सरकार बिना भेदभाव के सभी धर्मों एवं जातियों के लोगों के विकास के लिए काम करने को प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल में जैन, सिख, ईसाई, पारसी एवं इमाम संघ के प्रतिनिधि भी शामिल थे। भाजपा एक तरह से पूरी मुश्तैदी के साथ चुनाव मैदान में उतर चुकी है, जबकि विपक्षी पार्टियां अभी भी सीटों के तालमेल के भंवर जाल से निकल नहीं पा रही हैं। ऐसी स्थिति में भाजपा के फतह अभियान को रोकना विपक्ष के लिए मुश्किल काम है।