हिंदू धर्म में महाभारत को पंचम वेद माना गया है लेकिन हम फिर भी अपने बड़े बुजुर्गों से यही सुनते हैं कि महाभारत को घर में नहीं रखना चाहिए और ना ही इसका पाठ घर में करना चाहिए। ऐसा कहते हैं कि इसका पाठ घर में करने से लड़ाई-झगड़े बढ़ते हैं। ऐसे में आपके मन में ये सवाल आता होगी कि धर्म, मर्यादा और सदाचार का पाठ पढ़ाने वाले इस ग्रंथ को घर में रखना अशुभ क्यों माना जाता है? चलिए विस्तार से जानते हैं इसके पीछे की मान्यता। आजकल सभी टीवी या मोबाइल पर महाभारत देखते हैं। महाभारत को हिंदू धर्म का एक पवित्र ग्रंथ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि महाभारत को घर में रखने से या पाठ करने से जीवन में लड़ाई, लालच, और घर में दुश्मनी होती है। साथ ही ऐसी लोक मान्यता है कि महाभारत से जुड़ी किसी भी वस्तु को घर में रखने से अशुभ घटनाओं की संभावनाएं बढ़ाती हैं।
क्या महाभारत का पाठ करना होता है अशुभ?
हिंदू धर्म के अनुसार घर में रामायण, गीता आदि ग्रंथों को रखना और उनका पाठ करना शुभ माना जाता है लेकिन महाभारत को लेकर ऐसा कहा जाता है कि इसे घर में रखने या पढ़ने से घर में अशुभता आती है और नकारात्मकता का संचार होता है। ऐसी मान्यता है कि महाभारत को रखने या पढ़ने से घर में कलह हो सकता है और परिवार के सदस्यों के बीच वाद-विवाद जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं।
इसलिए महाभारत घर में रखना किया जाता है मना : रामायण और महाभारत के युद्ध में बहुत अंतर देखने को मिलता है। रामायण में सच्चाई के बल पर युद्ध को दर्शाया है। जबकि महाभारत में छल के साथ युद्ध किया गया। रामायण के युद्ध में भगवान राम असुरों के खिलाफ रण में उतरे थे और महाभारत में सिंहासन के लालच में एक भाई दूसरे भाई के खिलाफ युद्ध में उतरे थे। ऐसे में इसका पाठ घर में करने पर भाइयों में विवाद या लालच की भावना बल ले सकती है। इसी लोक मान्यता के आधार पर महाभारत ग्रंथ को घर में नहीं रखा जाता है।