डिजिटल डेस्क : झारखंड में बड़ी सियासी अदला बदली। हेमंत सोरेन के गिरफ्तारी के बाद चंपई सोरेन ने संभाली बागडोर। चंपई सोरेन ने झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। पहले हेमंत सोरेन सरकार में वह परिवहन, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे । चंपई सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक सदस्य हैं, उन्होंने शिबू सोरेन के साथ मिलकर राजनीति में काम किया है।
10वीं क्लास तक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले चंपई सोरेन ने झारखंड राज्य आंदोलन में लंबी लड़ाई लड़ी थी। साल 1995 में चंपई सोरेन पहली बार 11वीं बिहार विधानसभा में सरायकेला से विधायक बने। साल 2000 में हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2005 के बाद लगातार सरायकेला चुनाव क्षेत्र से जीतते रहे। चंपई सोरेन 6 बार के विधायक और तीन बार के मंत्री रह चुके है।
कोरोना महामारी के दौरान सोशल मीडिया माध्यम से उन्होंने अन्य राज्यों में फंसे झारखंड के मजदूरों की मदद की थी, जिसके वजह से उनकी जमकर चर्चा भी हुई थी। चंपई सोरेन सरायकेला-खरसावां जिले स्थित जिलिंगगोड़ा गांव के रहने वाले हैं। चार बच्चों में वह घर के बड़े बेटे हैं।