नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार का अंतरिम बजट पेश कर दिया। यह बजट मध्यवर्गीय लोगों के लिए थोड़ी खुशी और थोड़ा गम लेकर आया है। मोदी सरकार ने मध्य वर्ग के लिए बजट में बड़ा ऐलान किया है। घर खरीदने का सपना देख रहे मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सरकार आवासीय योजना शुरू करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में यह घोषणा की है। उन्होंने अंतरिम बजट पेश करते कहा कि सरकार पात्र यानी योग्य मध्यम वर्ग को अपना घर खरीदने या बनाने के लिए एक आवासीय योजना शुरू करेगी। हमारी सरकार किराए के मकानों या झुग्गी-झोपड़ी या चाल और अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले मध्यम वर्ग के पात्र लोगों को अपने स्वयं के मकान खरीदने या बनाने में सहायता करने के लिए योजना शुरू करेगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने मध्यम परिवारों के लिए एक और बड़ी स्कीम के जरिए मदद का ऐलान किया। उन्होंने एक करोड़ परिवारों को रूफटॉप सोलर एनर्जी योजना के कवरेज में लाने की बात कही। सीतारमण के एलान के मुताबिक, छत पर सौर प्रणाली लगाने से एक करोड़ परिवार प्रत्येक महीने 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली प्राप्त कर सकेंगे। इस बजट से मध्यवर्गीय लोगों को निराशा भी हाथ लगी है। मिडिल क्लास को हमेशा से बजट में आयकर छूट में बढ़ोतरी की उम्मीद होती है, इसलिए इस बार भी उम्मीद थी। लेकिन इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर में कोई बदलाव नहीं करने का ऐलान किया गया है। दरअसल चंद महीनों के बाद देश में लोकसभा चुनाव होने वाला है। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि पिछले अंतरिम बजट यानी 2019 की तरह ही लोगों को आयकर में कुछ राहत मिलेगी, लेकिन इस बार लोगों को मायूसी हाथ लगी है। साल 2019 के अंतरिम बजट में नौकरीपेशा लोगों को मिलने वाले आयकर पर स्टैंडर्ड कटौती को 40,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए करने का एलान किया गया था।
मिडिल क्लास के हाथ में थोड़ी खुशी-थोड़ा गम