कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी पार्टी की जड़ को मजबूत करने तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में फिर से उत्साह भरने के लिए भारत जोड़ो न्याय यात्रा पिछले 14 जनवरी से शुरू की है। यह यात्रा मणिपुर से शुरू हुई है जो मेघालय होते हुए पिछले सोमवार को असम पहुंची है। असम पहुंचने के साथ ही विवाद शुरू हो गया है। नगांव में भी यात्रा के दौरान कई जगह विवाद की खबर है। राहुल गांधी का आरोप है कि राज्य प्रशासन द्वारा उन्हें सरकार के निर्देश पर बटद्रवा स्थित श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली पर जाने से रोका गया। मंगलवार को कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को गुवाहाटी महानगर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पुलिस के बीच हाथापाई होने की भी खबर है। क्रुद्ध कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाये गए बेरिकेड को हटा दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी यात्रा को राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने असम पुलिस को कानून तोडऩे के आरोप में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। अब यह यात्रा गुवाहाटी के बाहरी इलाके से होते हुए कामरूप ग्रामीण में पहुंचेगी तथा उसके बाद बरपेटा रोड के लिए रवाना होगी। गुरुवार तक यह यात्रा असम में रहेगी। इसके बाद यात्रा पश्चिम बंगाल, बिहार होते हुए गुजरात पहुंचेगी।
आगामी 20 मार्च को महाराष्ट्र में विशाल रैली के साथ यात्रा का समापन होगा। पिछले 14 जनवरी को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मणिपुर से भारत जोड़ो न्याय यात्रा को रवाना किया था। यह यात्रा देश के 85 जिलों से गुजरती हुई 6200 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र हमेशा से कांग्रेस का गढ़ रहा है। कांग्रेस न्याय यात्रा के माध्यम से फिर से अपनी पैठ बनाना चाहती है। मिजोरम को छोड़कर पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में भाजपा या भाजपा समर्थित सरकारें हैं। पूर्वोत्तर में असम सबसे बड़ा राज्य है। कांग्रेस की न्याय यात्रा को असम में ही सबसे बड़ी चुनौती मिल रही है। इस यात्रा को लेकर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा तथा राहुल गांधी आमने-सामने हैं। दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। असम में मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के लिए जिन पांच बिंदुओं को विशेष रूप से केंद्रित किया है, उनके नाम क्रमश: युवा न्याय, भागीदारी, नारी न्याय, किसान एवं श्रमिक न्याय हैं। कांग्रेस भविष्य में इन पांचों मुद्दों पर अभियान चलाएगी।
राहुल का कहना था कि देश की जनता सब कुछ देख रही है, जो समय आने पर अपना फैसला सुनाएगी। राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मिली करारी पराजय के बाद कांग्रेस ने जनमानस में अपना प्रभाव मजबूत करने के लिए भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू की है। कांग्रेस ने अपने संगठन में भी अशोक गहलोत, भूपेश बघेल एवं सचिन पायलट जैसे नेताओं को नई जिम्मेवारी दी है। पिछली बार राहुल गांधी द्वारा शुरू की गई भारत जोड़ो यात्रा का लाभ कांग्रेस को कर्नाटक में मिला था। इस यात्रा से राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत एवं लोकप्रिय नेता के रूप में उभारने में मदद मिल सकती है। मणिपुर में चल रहे जातीय संघर्ष का राजनीतिक लाभ लेने के लिए कांग्रेस प्रयासरत है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस अपनी पुरानी जमीन हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रही है। लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को चुनौती देने लिए गठित इंडिया गठबंधन अभी तक सीटों के तालमेल के मुद्दे को अंतिम रूप नहीं दे पाया है। पश्चिम बंगाल, बिहार एवं उत्तर प्रदेश में अभी भी सीटों के लिए विपक्षी दलों के बीच पेंच फंसा हुआ है। ममता बनर्जी, अखिलेश यादव एवं नीतीश कुमार कांग्रेस को ज्यादा सीट देने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। महाराष्ट्र में भी सीटों के तालमेल को लेकर माथापच्ची हो रही है। अब देखना है कि राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा कांग्रेस की नैया को कहां तक पार करा पाती है।