अयोध्या: अयोध्यावासियों का कहना है कि अयोध्या नगरी राममय हो रही है। मंदिर न्यास के सूत्रों ने बताया कि सजावट के लिए फूलों के 'समृद्ध भंडार' का उपयोग किया गया है और 22 जनवरी को होने वाले समारोह के मद्देनजर मंदिर को सजाने के लिए फूलों के विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं। एक सूत्र ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि ये सभी असली फूल हैं और सर्दी के मौसम के कारण ये अपेक्षाकृृत लंबे समय तक ताजा रहते हैं इसलिए वे प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक ताजा रहेंगे। इन फूलों की सुगंध और सुंदरता ने मंदिर की दिव्यता को और बढ़ा दिया है।
उन्होंने कहा कि फूलों से सजावट और रोशनी के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई हैं और वे न्यास अधिकारियों के मार्गदर्शन में मिलकर काम कर रही हैं। सूत्र ने कहा कि बाहर के हिस्से में रोशनी की सजावट दीया की थीम पर आधारित है ताकि इसे पारंपरिक रूप दिया जा सके और मंदिर के अलंकृत तत्वों को उजागर किया जा सके। उन्होंने कहा कि गर्भ गृह के अंदर पारंपरिक दीये का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के भीतर हल्की रोशनी वास्तुशिल्प तत्वों को उजागर करेगी जबकि बाहरी रोशनी शाम के बाद ही चालू की जाएगी।मंदिर न्यास के महासचिव चंपत राय ने संवाददाताओं से कहा था कि मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से और निकास दक्षिण दिशा से होगा तथा संपूर्ण मंदिर अधिरचना अंतत: तीन मंजिला होगी। मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए पर्यटक पूर्वी दिशा से 32 सीढिय़ां चढ़ेंगे। पारंपरिक नागर शैली में निर्मित मंदिर परिसर 380 फीट लंबा (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा होगा।