अयोध्या: शनिवार को देश-विदेश की नदियों का पवित्र जल रामलला के अभिषेक के लिए अयोध्या पहुंचा। शनिवार देर शाम रामलला को गुलाब, बेला, रजनीगंधा, गेंदा आदि सुगंधित फूलों में वास कराया गया। इसके बाद वैदिक विद्वानों ने आरती पूजन कर पांचवें दिन के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को विश्राम दिया गया। अयोध्या में 16 जनवरी से शुरू हुए प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का शनिवार 20 जनवरी को पांचवां दिन था। रात में 8 बजे अयोध्या की सीमाएं सील कर दी गईं। अब 23 जनवरी तक सिर्फ प्राण प्रतिष्ठा में बुलाए गए मेहमानों को ही पास दिखाकर एंट्री मिलेगी। प्राण प्रतिष्ठा के लिए पीएम मोदी 22 जनवरी को ही अयोध्या आएंगे। वे यहां चार घंटे रुकेंगे। सुबह 10.30 बजे विमान से अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे। 11 बजे राम मंदिर पहुंच जाएंगे। यहां 3 घंटे रुकेंगे। प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से पहले पीएम राम मंदिर परिसर में लगी जटायु की प्रतिमा का इनॉगरेशन करके पूजा करेंगे। प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 12.20 से 1 बजे तक होगा।

पीएम के सामने रामलला की आंखों से पट्टी खोली जाएगी। वे रामलला को सोने की सलाई से काजल लगाकर उनको शीशा दिखाएंगे। इसके बाद मोदी, मोहन भागवत और ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास अपने विचार रखेंगे। इसके बाद दोपहर 3.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। इससे पहले  21 जनवरी को पीएम के अयोध्या आने की चर्चाएं थीं। वहीं दूसरी ओर अयोध्या में भव्य राम मंदिर में श्रीरामलला की मूर्ति की 22 जनवरी को होने जा रही प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आये 14 दंपति 'यजमानÓ (मेजबान) के दायित्व का निर्वहन करेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक अनुष्ठान 16 जनवरी को प्रारंभ हुआ और शनिवार को इसका पांचवा दिन था। उन्होंने शनिवार को 'पीटीआई-भाषाÓ को बताया कि हिंदू धर्म के अंतर्गत एक मंदिर की पूजा में व्यापक अनुष्ठान होते हैं। कई 'अधिवास' होते हैं। मुख्य प्राण प्रतिष्ठा पूजा में 14 दंपति हिस्सा लेंगे। ये सभी भारत के उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और पूर्वोत्तर से हैं। ये मुख्य यजमान होंगे।

'यजमानों' की सूची में उदयपुर से रामचंद्र खरादी, असम से राम कुई जेमी, जयपुर से गुरुचरण सिंह गिल, हरदोई से कृष्ण मोहन, मुल्तानी से रमेश जैन, तमिलनाडु से आदलरासन और महाराष्ट्र से विठ्ठल कामनले शामिल हैं। इसी तरह, महाराष्ट्र के लातूर में घुमंतू समाज ट्रस्ट से महादेव राव, कर्नाटक से लिंगराज बासवराज, लखनऊ से दिलीप वाल्मिकी, डोम राजा के परिवार से अनिल चौधरी, काशी से कैलाश यादव, हरियाणा के पलवल से अरुण चौधरी और काशी से कवींद्र प्रताप सिंह भी इस सूची में शामिल हैं। अंबेकर ने कहा कि ये लोग इस समारोह में अपनी पत्नी के साथ शामिल होंगे। इस समारोह के एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू में विग्रह को स्नान कराना और गर्भगृह का शुद्धीकरण शामिल रहा जिसमें देशभर से विभिन्न धार्मिक स्थानों से लाए गए जल से शुद्धीकरण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि 16 जनवरी को प्रारंभ हुआ यह अनुष्ठान आरएसएस नेता अनिल मिश्रा और उनकी पत्नी ऊषा मिश्रा द्वारा किया जा रहा है। अनिल मिश्रा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के 15 न्यासियों में से एक हैं। मैसूरू स्थित शिल्पकार अरुण योगीराज द्वारा तैयार रामलला का 51 इंच के विग्रह को बृहस्पतिवार दोपहर राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया।