पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने मंगलवार को नीति आयोग के आकंड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में तीन साल में गरीबों की संख्या में 25 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि 80 लाख से अधिक लोग 'गरीबी से निकले' हैं और राज्य आधुनिक इतिहास में सबसे समृद्ध दौर का अनुभव कर रहा है। नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए शर्मा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया - 'माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार के कार्यकाल में राज्य में 80 लाख लोग गरीबी से निकले हैं। पिछले तीन साल में गरीबी अनुपात में 25 प्रतिशत की कमी आई है।' मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आधुनिक इतिहास के सबसे समृद्ध दौर का अनुभव कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हम वर्तमान में तेजी से विकास पथ पर अग्रसर हैं, जिससे असम देश के शीर्ष पांच राज्यों में से एक बनकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा। आयोग द्वारा जारी राष्ट्रीय बहु-आयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) को साझा करते हुए शर्मा ने कहा कि राज्य में गरीबों की संख्या 2013-14 के 36.97 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 14.47 प्रतिशत पर आ गई है। उन्होंने कहा कि अनुमान है कि राज्य में 80.36 लाख लोग गरीबी से निकले हैं और यह हमारी कल्याणकारी पहल की बड़ी जीत है। नीति आयोग ने एमपीआई का आकलन 12 संकेतकों के आधार पर किया है, जिनमें पोषण, बाल एवं किशोर मृत्युदर, स्कूलों में उपस्थिति, खाना पकाने के लिए ईंधन, स्वच्छता, संपत्ति और बैंक खाते शामिल हैं। नीति आयोग के परिचर्चा पत्र के अनुसार, देश में बहुआयामी गरीबी 2013-14 में 29.17 प्रतिशत थी, जो 2022-23 में घटकर 11.28 प्रतिशत रही। इसके साथ इस अवधि के दौरान 24.82 करोड़ लोग इस श्रेणी से बाहर आये हैं।