गुड़ तो सभी खाते हैं, वो भी ज्यादातर खाने के बाद गुड़ खाना पसंद करता है, तो कोई रात को दूध पीने के साथ गुड़ का सेवन करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी काला गुड़ खाया है? दरअसल, काला गुड़ एक पारंपरिक तरीके से बनाया गया है जिसमें गन्ने के रस से बनाते हैं। इस दौरान इसमें कोई रिफाइनिंग नहीं होती और न ही इसे प्रोसेस्ड करते हैं। फिर इस गुड को लंबे टाइम तक के लिए ऐसे ही रख देते हैं। काला गुड खाना कई बीमारियों से बचाव करने में मदद करता है। आइए इसपर विस्तार से चर्चा करते हैं-

सूखी खांसी में फायदेमंद : अक्सर मौसम बदलने से सर्दी-जुकाम के साथ-साथ खांसी होने लगती है और इसमें भी अगर सूखी खांसी होती है तो काफी परेशानी होती है। ऐसे में सूखी खांसी में काला गुड़ खाना कई तरह से फायदेमंद साबित होता है। इसे खाने से सबसे पहले लंग्स में सूजन को कम करने के साथ-साथ गले की खिचखिच से भी आराम मिलता है।

आयरन से भरपूर : काला गुड़ आयरन से भरपूर होने के साथ-साथ उन लोगों के लिए कारगर है जो एनीमिया से पीडि़त हैं। शरीर में खून की कमी तो दूर होती है और इसके लक्षणों में भी कमी लाता है। खासकर, महिलाओं को काला गुड़ खाना चाहिए।

इम्यूनिटी बूस्टर : काला गुड़ शरीर की इम्यूनिटी बूस्ट करने के साथ-साथ मौसमी संक्रामक बीमारियों से भी बचाता है। काले गुड़ में एंटी बैक्टीरिकल होने के साथ ही एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। इससे फेफड़ों में सूजन रोकने के साथ-साथ संक्रमण से बचाव करता है।

हड्डियों के लिए फायदेमंद : हड्डियों की सेहत के लिए आप काले गुड़ का सेवन कर सकते हैं। क्योंकि इसमें पोटेशियन भरपूर होताा है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है जिससे आप हड्डियों से जुड़ी बीमारियों से बच सकते हैं।

पाचन स्वास्थ्य में मददगार : मेडिकल साइंस ने पाया है कि गुड़ खाना पाचन के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। घर में गुड खाने की आदत को पाचन के लिए फायदेमंद बताया गया है।