चबुवा : केंद्र सरकार और अल्फा के बीच शांति समझौता होने के बाद एवं अल्फा (आई) के सेनाध्यक्ष परेश बरुवा को राज्य सरकार द्वारा बातचीत के लिए आगे आने के आह्वान के बीच अल्फा (आई) सेनाध्यक्ष परेश बरुवा के चबुवा जेराई गांव स्थित पैतृक घर से आज सरकार द्वारा दिए गए होम गार्ड एवं पीएसओ को हटा लिया गया। अल्फा (आई) सेनाध्यक्ष परेश बरुवा के छोटे भाई विकुल बरुवा ने इस विषय में आज शाम बताया कि वर्ष 2000 में उनके घर पर हुई गोलीबारी के बाद सरकार से सुरक्षा की मांग करने पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उनके घर में चार होम गार्ड के साथ पीएसओ नियुक्त किया था, जिसके बाद लगभग लगभग 23 साल होम गार्ड एवं पीएसओ रहने के दौरान दो महीने पूर्व चबुवा थाना के एसआई के नेतृत्व में पुलिस उनके घर में उपस्थित होकर उनसे कहा था कि गुवाहाटी से एक आदेश में पूछा गया है कि आपको होम गार्ड एवं पीएसओ चाहिए या नही,तब उन्होंने कहा था कि 1994 में उनके बड़े भाई दिनेश बरुवा को घर से ले जाकर हत्या किए जाने के बाद से ही वे अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं,जिसके कारण उनके परिवार ने सुरक्षा की दृष्टि से होम गार्ड एवं पीएसओ की मांग की थी, जिसके बाद अचानक आज उनके घर की सुरक्षा में नियुक्त होम गार्ड एवं पीएसओ को वापस लिए जाने पर जब उन्होंने इस विषय में पुलिस की उच्च अधिकारियों से संर्पक किया तो उन्हें बताया गया कि यह आदेश गुवाहाटी से आया है। अचानक होम एवं पीएसओ वापस लिए जाने पर अल्फा (आई) सेनाध्यक्ष परेश बरुवा के छोटे भाई विकुल बरुवा ने परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा से पुन: सुरक्षाकर्मी नियुक्त करने का अनुरोध किया है ।
परेश बरुवा के पैतृक घर से अचानक हटाए गए सुरक्षाकर्मी