गुवाहाटी : कांग्रेस सांसद अब्दुल खालेक आगामी लोकसभा चुनाव में बरपेटा या धुबड़ी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल में हलचल है। यहां उल्लेखनीय है कि निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण के दौरान सांसद खालेक द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले बरपेटा लोकसभा क्षेत्र में उनके गांव को काट दिया गया और धुबरी लोकसभा क्षेत्र में शामिल कर दिया गया। परिणामस्वरूप,  खालेक धुबड़ी लोकसभा क्षेत्र में मतदाता बन गए। इसलिए, बरपेटा सांसद हाल ही में धुबड़ी लोकसभा क्षेत्र में अधिक सक्रिय हो गए हैं। वे एआईयूडीएफ सांसद बदरुद्दीन अजमल को निशाना बना रहे हैं। खासकर अजमल की नाकामी पर अब्दुल खालेक ने तीखी आलोचना की है। इसलिए अटकलें लगाई गई है कि आगामी लोकसभा चुनाव में खालेक धुबड़ी में अजमल के खिलाफ खड़े होंगे।

खालेक ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि पार्टी मुझसे जहां भी चुनाव लडऩे के लिए कहेगी, मैं वहीं से चुनाव लड़ूंगा। आवेदन के समय मैंने निर्वाचन क्षेत्र का नाम नहीं दिया था।  मैं वर्तमान में धुबड़ी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता हूं। बरपेटा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हूं। मैं धुबड़ी, बरपेटा या किसी अन्य किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में जहां पार्टी मुझे खेलने के लिए कहेगी, वहीं खेलूंगा। जनता अजमल को 15 साल से देख रही है। उन्होंने 15 साल तक धुबड़ी के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने अल्पसंख्यक ट्रेड मार्क को लेकर राजनीति तो की, लेकिन संसद में अल्पसंख्यकों का मुद्दा ठीक से नहीं उठाया।

वे हमेशा मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के आदेश के अनुसार काम करते हैं। वे विपक्षी दल के एकमात्र नेता हैं जिन्होंने खुले तौर पर हिमंत विश्व शर्मा को सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित किया है। इस बार धुबड़ी की जनता ने उन्हें अलविदा कहने का फैसला कर लिया है। खालेक ने यह भी कहा, धुबरी एयरपोर्ट 2 महीने से बंद पड़ा है। इस संदर्भ में मैंने केंद्रीय नागरिक परिवहन मंत्री को लिखा है। क्या उन्होंने कभी कहा है कि धुबड़ी हवाई अड्डे पर अब कोई विमान नहीं आता? क्या वे धुबड़ी में बंद पड़ी सलाई फैक्ट्री को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं? लोग तो कहते हैं कि खट्टा आम केवल एक बार ही बेचा जा सकता है, लेकिन अजमल ने तो खट्टा आम तीन बार बेचे।