नई दिल्ली : नौ केंद्रीय मंत्रियों सहित राज्यसभा के 68 सदस्यों का कार्यकाल इस साल पूरा हो रहा है। इसके मद्देनजर संसद के उच्च सदन में छह साल के कार्यकाल के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं में होड़ शुरू हो गई है। इन 68 रिक्तियों में से दिल्ली की तीन सीटों के लिए पहले ही चुनाव की घोषणा हो चुकी है। आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और सुशील कुमार गुप्ता का कार्यकाल 27 जनवरी को पूरा हो रहा है। सिक्किम में राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए भी चुनाव की घोषणा की गई है जहां सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के सदस्य हिशे लाचुंगपा 23 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित 57 नेताओं का कार्यकाल अप्रैल महीने में पूरा हो रहा है। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 10 सीट खाली हो रही हैं। इसके बाद महाराष्ट्र और बिहार में छह-छह, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पांच-पांच, कर्नाटक और गुजरात में चार-चार, ओडिशा, तेलंगाना, केरल और आंध्र प्रदेश में तीन-तीन, झारखंड और राजस्थान में दो-दो और उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में एक-एक सीट खाली होनी है। चार मनोनीत सदस्य जुलाई में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा अभी हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य हैं। लेकिन फिर से नामांकन के लिए उन्हें अपने गृह राज्य से बाहर किसी सीट की तलाश करनी होगी क्योंकि अब वहां कांग्रेस सत्ता में है। कांग्रेस कर्नाटक और तेलंगाना से अपने उम्मीदवारों को संसद के उच्च सदन भेजने की उम्मीद कर सकती है, जहां वह पिछले साल सत्ता में आई थी।