गुवाहाटी : दिल्ली में शुक्रवार को अल्फा और सरकार के बीच हुए समझौते पर राज्य में तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। अल्फा के कई पूर्व सदस्य भी इस समझौते से नाखुश हैं। इस संदर्भ में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व अल्फा कल्पज्योति नेउग ने कहा, मैं अल्फा-सरकार के समझौते के बारे में आशावादी नहीं हूं। अल्फा नेतृत्व ने कमजोर स्थिति में सरकार से समझौता किया है। जब कोई कमजोर स्थिति में सरकार से समझौते पर हस्ताक्षर करते हैं तो वह सरकार की दया पर निर्भर होता है। यह समझौता सिर्फ आर्थिक पैकेज पर केंद्रित है। मुझे नहीं लगता कि सरकार के हित में किए गए समझौते से असमिया जाति को कुछ मिलेगा। सशस्त्र संघर्षरत समूह की मुख्य मांग संप्रभुता थी। अल्फ़ा नेतृत्व को संप्रभुता छोड़ देनी चाहिए थी और असम के मूल निवासियों के लिए कुल करना चाहिए था।

समझौते में असम के मूल निवासियों की कोई सुरक्षा नहीं है। यह समझौता एक कपटपूर्ण और दर्दनाक दस्तावेज है। इसमें मूल निवासियों के लिए भूमि सुरक्षा, राजनीतिक सुरक्षा, संवैधानिक सुरक्षा, सांस्कृतिक सुरक्षा के बारे में कुछ भी नहीं है। ऐसा समझौता करने से बेहतर होता कि हार मान लें और वापस आ जाएं। समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अल्फा नेता मृणाल हजारिका ने दिल्ली में ही समझौते पर अपना असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लंबे संघर्ष दौरान हुए शहीदों की संख्या की तुलना में कुछ भी नहीं है। इस मामले में बहुत से लोगों के हित शामिल हैं। समझौते के समय केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा शामिल पैकेजों के क्रियान्वयन पर संतुष्टि-असंतोष निर्भर करेगा। ऐसी आलोचना का जवाब देते हुए अल्फा के महासचिव अनुप चेतिया ने कहा कि हमने समझौते के बारे में पत्र देखा है। वे अलग झंडा, अलग संविधान, अलग मुद्रा के बारे में लिखते हस्ताक्षरकर्ताओं के लिए विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया जा रहा है।

स्वागत समारोह रविवार दोपहर 2 बजे गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले अल्फा नेता रविवार सुबह 10.30 बजे तक गुवाहाटी हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। अल्फा के पूर्व नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा गामोछा और फूलों के गुलदस्ते के साथ उनका स्वागत किया जाएगा। वहां से 300-400 वाहनों के जुलूस के साथ उन्हें सीधे श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में ले जाया जाएगा। कलाक्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच पर दोपहर 2 बजे समारोह शुरू होगा। अल्फा के प्रत्येक शिविर के कार्यकर्ता, शहीदों के परिवारों के सदस्य, पीडि़त और उनके परिवार के सदस्य और वे लोग जिन्होंने वार्ता प्रक्रिया में अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से अल्फा का सहयोग किया है, उन सबको भी समारोह में सम्मानित किया जाएगा। शाम 5.30 बजे अल्फा के स्वागत समारोह में सीएम डॉ. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। अल्फा के एक शीर्ष पूर्व सूत्र ने कहा, मुख्यमंत्री के भाषण के बाद एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।