अयोध्या (उप्र): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के पुरातन वैभव और आधुनिक विकास कार्यों की चर्चा करते हुए शनिवार को कहा कि विकास एवं विरासत की साझा ताकत 21वीं सदी में भारत को सबसे आगे ले जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी दुनिया ऐतिहासिक राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का इंतजार कर रही है। प्रधानमंत्री ने लोगों से राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा दिवस को दीपावली के रूप में मनाने के लिए अपने घरों में विशेष दीप 'श्री राम ज्योति' जलाने की अपील की। कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद उन्होंने कहा कि एक समय था जब राम लला यहीं अयोध्या में एक तंबू के नीचे रहते थे। आज न केवल राम लला को पक्का घर मिला है, बल्कि देश के चार करोड़ गरीब लोगों को भी पक्का घर मिला है। प्रधानमंत्री शहर में एक पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशन और एक हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के बाद एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास और विरासत की ताकत देश को आगे ले जाएगी। सदियों से राम से जुड़ा और राम जन्मभूमि आंदोलन के बाद से आधुनिक राजनीति के केंद्र में रहा फूलों से सजा मंदिरों का शहर लोगों की निगाहों के केंद्र में था। मोदी ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया 22 जनवरी को इस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रही है। ऐसे में अयोध्यावासियों में 'अति-उत्साह' काफी स्वाभाविक है।
भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूं और मैं भी आपकी तरह उतना ही उत्सुक हूं। हम सभी का ये उत्साह, ये उमंग अयोध्या की सड़कों पर भी पूरी तरह नजर आ रहा था। उन्होंने कहा कि यद्यपि हर कोई 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने की इच्छुक है, लेकिन उस दिन केवल उन्हीं लोगों को यहां आना चाहिए, जिन्हें आमंत्रित किया गया है, जबकि अन्य लोग समारोह के बाद आ सकते हैं। इस बात पर जोर देते हुए कि देश और दुनिया भर से लोगों का अयोध्या आने का सिलसिला शुरू हो गया है और अनंत काल तक चलता रहेगा, प्रधानमंत्री ने शहर को देश में सबसे स्वच्छ बनाने का संकल्प लेने की भी अपील की। आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करने से पहले मोदी शनिवार को एक उत्सवपूर्ण माहौल में अयोध्या में मौजूद थे। रैली को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री ने राज्य में 15,700 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्र एवं राज्य सरकार की 46 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस बीच शंखनाद की ध्वनि और राम राम-जय जय राजाराम भजन से वातावरण गूंज उठा। इसके पहले अयोध्या धाम जंक्शन पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी उपस्थिति से नया कीर्तिमान बनाया है।
रामनगरी के इतिहास में वह पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने अयोध्या से उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य प्रांतों के लिए रेल परियोजनाओं का आगाज किया है। इससे पूर्व 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अयोध्या रेल पुल का उद्घाटन किया था, लेकिन उनका कार्यक्रम रामनगरी के सीमावर्ती क्षेत्र कटरा में हुआ था, जो गोंडा जिले का हिस्सा है। हालांकि, उद्घाटन के बाद पुल से ही रेल यात्रा करते हुए वाजपेयी अयोध्या कैंट (पूर्व में फैजाबाद जंक्शन) तक आए थे। मोदी ने पुनर्विकसित अयोध्या रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया तथा दो अमृत भारत एवं छह वंदे भारत रेलगाडिय़ों को हरी झंडी दिखाई। पीएम ने दरभंगा-अयोध्या-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा कर माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी को रामजन्मभूमि से जोडऩे की बहुप्रतीक्षित मांग को भी पूरा किया। अयोध्या पहुंचने पर हवाई अड्डे से रेलवे स्टेशन तक एक रोड शो किया। मोदी ने अपनी कार से लोगों का अभिवादन किया और एक स्थान पर उनकी ओर हाथ हिलाने के लिए अपने वाहन का दरवाजा खोल दिया। लोगों ने फूलों की पंखुडिय़ां बरसाईं, भाजपा के झंडे लहराए और उनकी प्रशंसा में नारे लगाए। इसके बाद मोदी ने अयोध्या में नवनिर्मित अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने रास्ते में सांस्कृतिक दलों का प्रदर्शन भी देखा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने शुक्रवार को कहा था कि हवाई अड्डे से रेलवे स्टेशन तक मार्ग पर 40 मंचों पर 1,400 से अधिक कलाकार लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम रखा गया है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की थी। महर्षि वाल्मीकि के बहुत सारे अनुयायी हैं, जिनमें विशेष रूप से दलित समुदाय के लोग शामिल हैं। मोदी ने 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं और अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन एवं महर्षि वाल्मीकि के नाम पर बने आधुनिक अंतर्राष्ट्रीय विमानतल के लोकार्पण की चर्चा करते हुए कहा कि यहां (अभी) विकास की भव्यता दिख रही है तो कुछ दिन बाद यहां विरासत की भव्यता और दिव्यता दिखने वाली है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यही विकास एवं विरासत की साझा ताकत 21वीं सदी में भारत को सबसे आगे ले जाएगी। मोदी ने कहा कि मोदी की गारंटी में इतनी ताकत इसलिए है क्योंकि मोदी जो कहता है, उसे पूरा करने के लिए अपना जीवन खपा देता है। दिन और रात एक कर देता है। अयोध्या नगरी इस बात की साक्षी है। उन्होंने लोगों से 14 जनवरी से 22 जनवरी तक स्वच्छता अभियान चलाने की अपील करते हुए कहा कि मकर संक्रांति के दिन से स्वच्छता का एक बड़ा अभियान चलाया जाना चाहिए। अपने संबोधन के दौरान मोदी ने भीड़ से 'सियावर रामचंद्र' का नारा लगवाने के साथ 30 दिसंबर को ऐतिहासिक तारीख करार देते हुए कहा कि इसी तारीख को 1943 में नेताजी (सुभाष चंद्र बोस) ने अंडमान में झंडा फहराकर आजादी का जयघोष किया था और आज इस पावन दिवस पर आजादी के अमृत काल के संकल्प को (हम) आगे बढ़ा़ रहे हैं।