डिजिटल डेस्क : कन्नड़ भाषा विवाद के मुख्य हिंसक नारायण गौड़ा से सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने पूछा है सवाल, 'नारायण गौड़ा की बेटी यूनाइटेड स्टेट में क्यों पढ़ती है, राज्य में क्यों नहीं।'
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साइनबोर्ड पर 60% कन्नड़ को अनिवार्य बनाने के लिए एक अध्यादेश लाने का वादा करने के वाद से ही कर्नाटक रक्षण वेदिके के कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरु में तोड़फोड़ चुरू कर दी थी और कन्नड़ में दुकानों के साइनबोर्ड को क्षतिग्रस्त भी किया था ।
नारायण गौड़ा कर्नाटक रक्षण वेदिके के प्रदेश अध्यक्ष हैं। संगठन का आदर्श वाक्य 'कन्नड़ जाति है, कन्नड़ धर्म है और कन्नड़ भगवान है'। नारायण गौड़ा की कर्नाटक रक्षण वेदिके ने कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद में भी प्रमुख भूमिका निभाई थी। हाल ही में, नारायण गौड़ा ने पीएम मोदी को अपने खून का उपयोग करके एक पत्र लिखा और उनसे कावेरी नदी जल मुद्दे में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। नारायण गौड़ा और उनके संगठन को तब प्रसिद्धि मिली जब 2005 में उन्होंने बेलगावी निगम के तत्कालीन मेयर विजय मोरे के चेहरे पर काला पेंट पोत दिया, क्योंकि उन्होंने बेलगावी को महाराष्ट्र में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया था I
नारायण गौड़ा सहित कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित किया गया। सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तोड़फोड़ की निंदा की, लेकिन साथ ही दोहराया कि साइनबोर्ड पर 60% कन्नड़ अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में एक अध्यादेश लाया जाएगा और इसे लागू करने के लिए वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को 28 फरवरी, 2024 की समय सीमा दी जाएगी।