बेहोशी या अचानक से चेतना खो देना वैसे तो सामान्य स्थिति है, पर कुछ मामलों में यह गंभीर समस्याओं का संकेत भी हो सकती है। ऐसा आमतौर पर तब होता है जब मस्तिष्क तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा में कमी आ जाती है। बेहोशी किसी गंभीर चिकित्सकीय समस्या के बिना भी हो सकती है, वहीं कई बार कुछ बीमारियों के कारण भी आपको बेहोशी हो सकती है। बेहोशी की स्थिति में चक्कर आने के कुछ सेकेंड बाद व्यक्ति कुर्सी से या जमीन पर गिर सकता है। अधिकांश लोग कुछ सेकेंड के बाद होश में आ जाते हैं, पर अगर आपको या किसी परिचित को बार-बार इस तरह की दिक्कत हो रही है तो उसे डॉक्टर के पास जरूर ले जाएं।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी में न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर वी.एन मिश्र कहते हैं, बेहोशी की स्थिति में तेज आवाज या व्यक्ति को हिलाने-डुलाने पर भी वह प्रतिक्रिया नहीं दे पाता है। यहां तक कि नाड़ी भी धीमी हो सकती है। ये आपातकालीन स्थिति है, जिसमें रोगी को तुरंत किसी डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। कई बार हमें सड़क के आसपास बेहोशी की स्थिति में लोग दिख जाते हैं, ऐसी स्थिति में अगर नजदीक में कोई डॉक्टर न हों तो एबीसी फार्मूले की मदद से रोगी को गंभीर समस्या से बचाया जा सकता है। डॉक्टर मिश्र बताते हैं, अगर कोई बेहोश मिले और आसपास डॉक्टर ना हों तो तुरंत उस व्यक्ति पर एबीसी फार्मूले का पालन करें। इसमें 

ए : एयरवेज की जांच करें- रोगी को सिर को टिल्ट करते हुए ठोड़ी को ऊपर की तरफ करें। बी : ब्रीदिंग यानी देखें कि सांस ठीक से चल रही है या नहीं? सी:  सर्कुलेशन- दिल की धड़कनों को गौर से सुनें। रोगी की छाती को दबाएं (सीपीआर दें)। अगर इसमें से कुछ भी असामान्य लग रहा हो तो तुंरत किसी नजदीकी अस्पताल में ले जाएं।