डिब्रूगढ़/जोनाई : अरुणाचल प्रदेश केंद्रीय जहाजरानी, पोत और जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानन्द सोनोवाल और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने आज मंगलवार को पूर्वोत्तर आयुर्वेद और लोक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (एनईआईएएफएमआर) की क्षमता विस्तार के लिए योजनाओं की आधारशिला रखी। एनईआईएएफएमआर में कुल 53 करोड़ रुपए के निवेश से अतिरिक्त बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय जहाजरानी, पोत और जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि भारतवर्ष में पौराणिक व स्थानीय चिकित्सा में मानव समाज को स्वस्थ रखने की समृद्ध विरासत हजारों वर्षों से विराजमान है। खासकर पहाड़ी इलाकों में जड़ी बूटियों से चिकित्सा करने की शैली समाज के बीच बसी हुई यह धरोहर पीढ़ियों से मानव जीवन को समृद्ध करने में हमारी मदद करती आ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने और लोगों को समृद्ध जीवन का अनुभव प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस प्रयास के तहत लोक चिकित्सा सहित पारंपरिक चिकित्सा को फिर से नया जीवन देने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है।
मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर आयुर्वेद और लोक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (एनईआईएएफएमआर)में अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश आयुर्वेद और लोक चिकित्सा के क्षेत्र में अपने अनुसंधान और विकास को मजबूत कर अपनी नई क्षमता का निर्माण करेगा। केन्द्रीय मंत्री ने अरुणाचल प्रदेश में सोवा-रिगपा चिकित्सा पद्धति का एक नया केंद्र खोले जाने की घोषणा भी की। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि हमें बहुत खुशी है कि अरुणाचल प्रदेश का एक संस्थान- पूर्वोत्तर आयुर्वेद और लोक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (एनईआईएएफएमआर), पूर्वोत्तर राज्यों की लोक चिकित्सा की समृद्धि विरासत का सदुपयोग करने की दिशा में प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी नेतृत्व में संस्थान की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है जो न केवल क्षेत्र से पारंपरिक चिकित्सा की मदद करेगा बल्कि अपनी पारंपरिक भौगोलिक पहुंच से अलग हमारी वर्षों पुरानी धरोहर को भविष्य के दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखने का काम करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा भारत की पारंपरिक चिकित्सा के कायाकल्प पर जोर दिया है क्योंकि पारम्परिक चिकित्सा ने विभिन्न बीमारियों के इलाज और एक बेहतर जीवन अनुभव को सक्षम करने में अपनी प्रभावशीलता साबित की है। एनईआईएएफएमआर की भूमिका के बारे में विस्तार से बताते हुए केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार आयुर्वेद जैसी पारंपरिक दवाइयों के कायाकल्प की दिशा में काम कर रही है जैसे योग, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी, सोवा रिगपा और प्राकृतिक चिकित्सा देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड (भारत सरकार का उद्यम) एनईआईएएफएमआर, पासीघाट के अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के लिए कार्यकारी एजेंसी है। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड (भारत सरकार का उद्यम) के किशोर कलिता (उप महाप्रबंधक), त्रिभुबन यादव (वरिष्ठ प्रबंधक) एवं राजीब बरुवा (वरिष्ठ प्रबंधक) उपस्थित रहे।