राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। भाजपा की राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रदेश अध्यक्षों की बैठक में अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से मंथन हुआ। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इंडिया गठबंधन की तरफ से मिल रही चुनौती को देखते हुए पिछले 23 दिसंबर को हुई बैठक की राजनीतिक अहमियत काफी बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव की शानदार जीत सुनिश्चित करने के लिए दस प्रतिशत वोट शेयर बढ़ाने के लिए काम करें। अगर यह मिशन पूरा हो गया तो पार्टी को अपने आप शानदार बहुमत मिल जाएगा। मालूम हो कि वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा को 37 प्रतिशत तथा भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 45 प्रतिशत वोट मिले थे। उस चुनाव में भाजपा को 543 में से 303 सीटें मिली थीं।
मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 50 प्रतिशत वोट मिले थे। उसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपना वोट शेयर और दस प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया है। भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए गरीबों, किसानों, युवाओं एवं महिलाओं पर फोकस करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं एवं संगठन की ताकत को लेकर जनता के बीच जाएं तथा सरकार के कामों को बताएं। पार्टी के अन्य नेताओं ने मोदी के कुशल नेतृत्व को भी जनता के बीच उठाने को कहा है। बूथ समितियों को मजबूत करने के लिए सहमति बनी है, ताकि निचले स्तर के लोगों को भी भाजपा से जोड़ा जा सके। युवाओं, खासकर पहली बार मतदान करने वाले लोगों को अपनी तरफ खींचने के लिए पार्टी कार्यक्रम चलाएगी। अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने को कहा गया है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं विश्व ङ्क्षहदू परिषद के साथ मिलकर भाजपा कार्यकर्ताओं को काम करने को कहा गया है।
मध्य जनवरी से लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का जोरदार प्रचार अभियान शुरू हो जाएगा। पार्टी नेताओं से यह भी कहा गया है कि राम मंदिर के निर्माण कार्य में विपक्षी पार्टी के नेताओं द्वारा समय-समय पर पैदा किये जा रहे अड़चनों को जनता के सामने उजागर किया जाए। भाजपा राम मंदिर की उपलब्धि को लोकसभा चुनाव में अपने पक्ष में भुनाना चाहती है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से भी भाजपा मोदी सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने में लगी है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री विभिन्न जनसभाओं में भ्रष्टाचार, परिवारवाद एवं तुष्टीकरण की नीति को उजागर कर विपक्षी पार्टीयों को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं। मोदी ने देश में राष्ट्रवाद एवं हिंदुत्व की भावना जागृत कर विपक्षी दलों को बैकफुट पर धकेलने का काम किया है। इंडिया गठबंधन अभी तक न सीटों का बंटवारा कर पाया है और न लोकसभा चुनाव में उठाए जाने वाले मुद्दों को तय कर पाया है। कई राज्यों में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी भी पेंच फंसा हुआ है। ऐसी स्थिति में भाजपा को अभी तक बढ़त मिली हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी स्थिति का फायदा उठाकर प्रचार अभियान में गति लाने में जुट गए हैं।