हिंदू धर्म में अग्नि का विशेष महत्व है,अग्नि को देवता का स्थान दिया गया है। किसी भी तरह का शुभ कार्य हो या पूजा पाठ करना हो, सबसे पहले दीपक ही जलाया जाता है। चाहे मंदिर हो या घर में बने पूजा घर, सभी में पूजा के लिए घी का तेल का दीपक जरूर जलाया जाता है। दीपक जलाने की परंपरा बहुत प्राचीन है, जिसके पीछे कुछ धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों तरह के कारण हैं।
क्या है धार्मिक कारण? : हिंदू धर्म में अग्नि को बहुत पवित्र और इसका विशेष महत्व माना जाता है, इसलिए हिंदू धर्म में अग्नि को देवता का स्थान दिया गया है। मान्यता है कि अग्नि देव को साक्षी मानकर उसकी मौजूदगी में किए काम जरूर सफल होते हैं इसलिए किसी भी देवी- देवता के पूजन के समय दीपक जलाया जाता है। माना जाता है घर में दीपक जलाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है। इसके साथ ही दीपक को अज्ञान का अंधकार दूर करने वाले प्रकाश का प्रतीक भी माना जाता है जिसके पीछे ये धारणा है कि हम अपने जीवन में फैले अज्ञान रूपी अंधकार को ज्ञान रूपी प्रकाश से खत्म कर दें। इसके साथ ही ये मान्यता है कि घर में दीपक जलाने से दरिद्रता दूर होती है और घर में मां लक्ष्मी का निवास होता है।
वैज्ञानिक कारण जानें : प्राचीन समय से ही गाय के घी से दीपक जलाने की परंपरा रही है। इसके पीछे ये कारण है कि गाय के घी में रोगाणुओं को दूर करने की क्षमता होती है। घी जब अग्नि के संपर्क में आकर जलता है तो वातावरण को स्वच्छ और पवित्र बनाता है इससे वायु प्रदूषण भी दूर होता है। इसलिए घर या मंदिर में दीपक जलाने के पीछे एक कारण ये है कि ये घर के वातावरण को स्वच्छ करता है।