हिंदू धर्म-शास्त्रों में सभी देवी-देवताओं की सही पूजा विधि के बारे में बताया गया है। कहा जाता है कि विधिपूर्वक पूजा करने से भगवान अति प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। ठीक ऐसे ही धर्म-शास्त्रों भगवान शिव की पूजा के बारे में बताया गया है। यूं तो भोलेनाथ को प्रसन्न करना सबसे आसान है। शास्त्रों के अनुसार शिवजी ऐसे भगवान हैं जो अपने भक्तों से जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन आपको पूजा का फल तभी मिलेगा जब आप सही तरीके से शिवलिंग का अभिषेक करेंगे। क्योंकि कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि भक्त शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय कई गलतियां कर देते हैं। तो आइए जानते हैं शिवलिंग पर जल अर्पित करने का सही तरीका क्या है? धर्म-शास्त्रों के अनुसार गलती से भी शिवलिंग पर स्टील के लोटे या पात्र से जल अर्पित न करें। क्योंकि स्टील या लोहे पर शनि-राहु का प्रभाव रहता है। ऐसे में इस पात्र से शिवलिंग पर जल अर्पित करने से अशुभ माना जाता है। 

शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय ध्यान रखें ये बातें

1. शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय अपना मुख दक्षिण दिशा की ओर रखें। इस दिशा में जल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है।

2.पूर्व दिशा की ओर मुख करके कभी भी शिवलिंग पर जल अर्पित न करें। क्योंकि इस दिशा को भगवान शिव का मुख्य द्वार माना गया है। इसलिए इस दिशा में जल अर्पित करने से शिव जी नाराज हो सकते हैं।

3.उत्तर दिशा और पश्चिम दिशा की ओर भी मुख कर के शिवलिंग पर जल अर्पित न करें। क्योंकि इन दिशाओं में भगवान शिव का कंधा और पीठ होती है। ऐसे में इस दिशा में जल चढ़ाने से पूजा का फल नहीं मिलेगा।

4.शिवलिंग पर जल्दी-जल्दी जल अर्पित न करें बल्कि एक छोटी धारा बनाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।

5. शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय 'ऊं नम: शिवाय' मंत्र का जाप करते रहें।