गुवाहाटी : अल्फा (स्वतंत्र) और असम पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह के बीच जुबानी जंग अब चरम पर है। अल्फा (स्वतंत्र) ने असम पुलिस के महानिदेशक जीपी सिंह को सिर्फ एक सप्ताह के लिए गुवाहाटी में खुलेआम गश्त करने की चुनौती दी है। इससे पहले, पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने अल्फा (स्वतंत्र) को चुनौती दी थी कि वह यहां-वहां ग्रेनेड फेंककर लोगों को परेशान करने के बजाए उन्हें निशाना बनाए। अल्फा (स्वतंत्र) के प्रचार विभाग के सदस्य कैप्टन रुमेल असम ने शनिवार को एक प्रेस बयान के जरिए पुलिस महानिदेशक सिंह को खुली चुनौती दी। प्रेस बयान में कहा गया है कि यूनाइटेड लिबरेशन फोर्सेस ऑफ असम (स्वतंत्र) जीपी सिंह की ओर से दी गई चुनौती को दो शर्तों पर स्वीकार कर लिया है।

सबसे पहले जीपी सिंह  अपने ड्राइवरों के साथ सुरक्षा के लिए पश्चिम-दक्षिण-पूर्व एशिया (वेसिया) क्षेत्र के स्वदेशी पुलिस अधिकारियों और कांस्टेबलों के बजाए सीआरपीएफ या भारतीय सेना (वेसिया के युवाओं को छोड़कर) का उपयोग करें। दूसरे, बस एक हफ्ते तक गुवाहाटी में खुलेआम गश्त करें। ऐसा इसलिए है, क्योंकि एक दशक पहले, यूनाइटेड लिबरेशन फोर्सेज, असम (स्वतंत्र) ने असम पुलिस के स्वदेशी अधिकारियों और सदस्यों के साथ-साथ वेसिया क्षेत्र के स्वदेशी सैन्य अधिकारियों और सदस्यों के साथ संघर्ष में शामिल नहीं होने का फैसला किया था। क्योंकि, पिछले दिनों डिब्रूगढ़ के पुलिस अधीक्षक दौलत सिंह नेगी और तिनसुकिया के पुलिस अधीक्षक आरके सिंह के साथ झड़प में कई स्थानीय भाई-बहन, अधिकारी और सदस्य मारे गए थे। अब जीपी सिंह बार-बार भाईचारे के झगड़े को फिर बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं।

इसलिए, यूनाइटेड लिबरेशन फोर्सेस, असम (स्वतंत्र) ने इससे परहेज करके जीपी सिंह को चुनौती दी है। हम जानते हैं कि जीपी सिंह में हमारी चुनौती स्वीकार करने का साहस नहीं है,उन्हें केवल रात में स्वाधीनता फुकन जैसे निहत्थे युवक को उसके बिस्तर से उठाकर ठंडे दिमाग से मार डालना आता है। गौरतलब है कि शुक्रवार को अल्फा (स्वतंत्र) ने जोरहाट में विस्फोटों की जिम्मेदारी लेने और पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के बाद असम पुलिस प्रमुख ने परेश बरुवा का नाम लिए बिना अल्फा (स्वतंत्र)को खुली चुनौती दी थी। पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने अपने निवास और कार्यालय का पता देकर अल्फा (स्वतंत्र) को चुनौती दी थी कि वे यहां-वहां ग्रेनेड विस्फोट करके लोगों को परेशान करने के बजाए उन्हें निशाना बनाए।