नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने संसद सुरक्षा चूक की घटना के संबंध में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।  घटना के संबंध में संसद मार्ग पुलिस थाने में यूएपीए की धारा 16 (आतंकवादी कृत्यों के लिए दंड) और धारा 18 (साजिश आदि के लिए दंड) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), धारा 452 (अवैध प्रवेश), धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जान-बूझकर उकसाना), धारा 186 (लोक सेवक को सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाना) और धारा 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए आपराधिक बल का इस्तेमाल करना अथवा हमला करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं संसद की सुरक्षा में चूक की घटना के सिलसिले में आठ सुरक्षाकर्मियों को निलंबित किया गया है।  निलंबित किए गए लोग विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से संबंधित हैं जो संसद भवन की सुरक्षा के लिए प्रतिनियुक्ति पर थे।

सूत्रों के अनुसार, निलंबित किए गए लोगों की पहचान रामपाल, अरविंद, वीर दास, गणेश, अनिल, प्रदीप, विमित और नरेंद्र के रूप में की गई है। एक अधिकारी ने कहा कि ये सुरक्षाकर्मी संसद की सुरक्षा के लिए प्रतिनियुक्ति पर हैं, लेकिन उनका कैडर नियंत्रण प्राधिकार वह संगठन है, जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं, न कि लोकसभा सचिवालय। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को संसद परिसर के साथ-साथ भवन में प्रवेश करने वाले लोगों की जांच के लिए तैनात किया गया है। संसद पर 2001 में किए गए आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को, सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और 'केन' के जरिए पीले रंग का धुआं फैला दिया। घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया। सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी. के रूप में हुई है। संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द की निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) के निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है।