पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार दोपहर को दर्शक दीर्घा से दो लोग अचानक सदन के भीतर कूद गए और गैस कनस्तर के जरिये धुआं फैला दिया। सदन में करीब एक बजे शून्यकाल के दौरान यह घटना घटी जिससे लोकसभा में अफरा-तफरी मच गई। घुसपैठियों में से एक को बहादुरी से पकडऩे के दौरान असम के मंगलदै क्षेत्र के सांसद दिलीप सैकिया को मामूली चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घुसपैठियों में से एक उस मेज पर कूद गया जहां सांसद दिलीप सैकिया बैठे थे। सांसद सैकिया ने तेजी से कार्रवाई करते हुए घुसपैठिए को भागने से पहले ही पकड़ने में कामयाब रहे। हालांकि, इस दौरान सैकिया को बाएं हाथ में मामूली चोटें आईं। उन्हें तत्काल चिकित्सा उपचार प्रदान किया गया और उसकी रिकवरी में सहायता के लिए क्रेप बैंडेज लगाया गया। दोनों घुसपैठियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और फिलहाल उन्हें पुलिस स्टेशन में रखा गया है। उनकी पहचान मैसूर के सागर शर्मा और मनोरंजन के रूप में हुई। इसके अलावा संसद के बाहर भी अन्य दो प्रदर्शनकारियों नीलम (42) और अमोल शिंदे (25) को भी हिरासत में लिया गया।

वे पीले रंग का धुआं छोड़ने वाले डिब्बे ले जाते हुए पाए गए और पकड़े जाने के समय वे विरोध प्रदर्शन में लगे हुए थे। गौरतलब है कि संसद सुरक्षा चूक की यह घटना 2001 के संसद हमले की बरसी के साथ मेल खाता है, जो अतीत की एक गंभीर याद दिलाता है जब सशस्त्र आतंकवादियों ने संसद भवन पर हमला किया था। उक्त सुरक्षा चूक के कारण सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं और घुसपैठ के पीछे के उद्देश्यों की गहन जांच की जा रही है। लोकसभा में सुरक्षा चूक के परिणामस्वरूप न केवल सांसद दिलीप सैकिया घायल हुए, बल्कि संसदीय सत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौतियां भी सामने आईं। विपक्षी दलों के सांसदों ने बुधवार को लोकसभा की सुरक्षा में सेंध की घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से स्पष्टीकरण की मांग की। कई सांसदों ने यह आरोप भी लगाया कि नए संसद भवन में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।