नई दिल्ली : संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और 'केन' के जरिए पीले रंग का धुआं फैला दिया। घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया। इस घटना के कुछ देर बाद ही पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली केन लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया। इन लोगों ने 'तानाशाही नहीं चलेगी' और कुछ अन्य नारे लगाए। सदन में करीब एक बजे शून्यकाल के दौरान दो व्यक्तियों के दर्शक दीर्घा से सांसदों के बीच कूदने की घटना घटी। विपक्षी दलों ने इस घटना की गहन जांच की मांग करने के साथ ही गृह मंत्री अमित शाह के बयान तथा संसद की सुरक्षा की समीक्षा का आग्रह किया।  सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी. के रूप में हुई है।

संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में दो लोगों के कूदने की घटना को गंभीर करार देते हुए कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच की जा रही है तथा संसद की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो धुआं सदन में फैलाया गया था वह साधारण था और इसको लेकर चिंता वाली कोई बात नहीं है।  बिरला ने लोकसभा में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों को रोकने और दबोचने में मुस्तैदी एवं निडरता दिखाने के लिए सांसदों, सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों की सराहना की। बसपा के लोकसभा सदस्य दानिश अली ने कहा कि सागर शर्मा नामक व्यक्ति का पास मैसूर से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा की अनुशंसा पर बना था।

  विपक्षी दलों ने इस विषय पर सरकार से जवाब और संसद की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की मांग की। संसद की सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है। सदन में शून्यकाल के दौरान दोपहर करीब एक बजे दर्शक दीर्घा से दो व्यक्ति सदन में कूदे और इनमें से एक व्यक्ति एक मेज से अगली मेज पर तेजी से कूदते हुए आगे की ओर भाग रहा था। इन लोगों ने केन से सदन में धुआं फैला दिया सुरक्षाकर्मियों और कुछ सांसदों ने इन्हें घेर लिया। बाद में दोनों को पकड़ लिया गया। उस समय आसन पीठासीन सभापति के रूप में राजेंद्र अग्रवाल बैठे थे। उन्होंने सदन की कार्यवाही तत्काल करीब एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। इस घटना को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम ने सदन में कहा कि  बिरला ने लोकसभा में सदस्यों से कहा कि आज जो आज घटना घटी है वह हम सबके लिए चिंता का विषय है। यह गंभीर घटना भी है।

  बिरला ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में क्या-क्या सुधार हो सकता है, उस पर सभी दलों के नेताओं के सुझाव के आधार पर कदम उठाए जाएंगे। बिरला ने सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस घटना को लेकर बिरला ने सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद की सुरक्षा में भारी चूक को लेकर चिंता जताई और मामले की जांच के साथ-साथ नए भवन में भी पुराने भवन की तरह सख्त सुरक्षा कदम उठाने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों ने इस घटना की तुलना अपनी पार्टी सहयोगी महुआ मोइत्रा के निष्कासन से की और उन भाजपा सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों को संसद में प्रवेश करने के लिए पास दिलाने में मदद की थी। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर संसद की सुरक्षा समीक्षा की मांग कर सकते हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने कहा कि बुधवार को संसद की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में छह लोग शामिल थे और इनमें से पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया है।