ग्रहों के राजा सूर्य देव 16 दिसंबर को देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव का धनु राशि में प्रवेश 1 महीने का खरमास कहलाता है जिसमें शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। 14 जनवरी अद्र्धरात्रि 2 बजकर 44 मिनट पर सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश अर्थात मकर सक्रांति  पर खरमास समाप्त होगा। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इस दौरान शादी विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, देव प्रतिमा प्रतिष्ठा, गृह निर्माण, उपनयन संस्कार आदि नहीं किए जाते।

ज्योतिष शास्त्र अनुसार सूर्य देव का देव गुरु बृहस्पति की राशियों  धनु एवम मीन में जब प्रवेश होता है तब उस माह को खरमास कहा जाता है।  खरमास में भगवान विष्णु एवम तुलसी की पूजा का विशेष महत्व है। तुलसी में जल अर्पण करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सूर्य की धनु सक्रांति में जप तप दान तीर्थ  स्नानादि का भी विशेष महत्व है। जन्म पत्रिका में अगर राहु और शनि विपरीत फल दे रहे हो या जो जातक शनि की साढ़े साती या कंटक ढैया या राहु की महादशा अन्तर्दशा  से गुजर रहे हैं तो उन्हें कम्बल और जूतों का दान चींटियों  पक्षियों को सतनाजा और कुत्तों को भोजन जरूर नित्य देना चाहिए। 

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