नई दिल्ली : विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने मंगलवार को कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ नए उत्साह के साथ कड़ी कार्रवाई जारी रखने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का संकल्प ही विपक्षी नेताओं के एकजुट होने और केंद्रीय जांच एजेंसियों पर हमले तेज करने का एकमात्र कारण है। रिजीजू ने केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली और निसिथ प्रमाणिक के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता संगीता सिंह देव के साथ यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू से जुड़े परिसरों से 351 करोड़ रुपये की बरामदगी विपक्षी नेताओं के भ्रष्टाचार की श्रृंखला को आगे बढ़ाती है।

उन्होंने कहा कि बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और दिल्ली सहित विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा खोली गई भ्रष्टाचार की कई दुकानों को बंद किया जाना चाहिए। कड़ी कार्रवाई की जा रही है। रिजीजूने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि आईएनडीआई गठबंधन के एक साथ आने का लोकतंत्र से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह भ्रष्ट लोगों द्वारा भ्रष्ट लोगों को बचाने के लिए भ्रष्ट लोगों का संघ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भ्रष्टाचार वाली पार्टी कहा जाना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जड़ है।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य साहू के परिवार के स्वामित्व वाली ओडिशा स्थित बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी में 351 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई और यह देश में किसी भी जांच एजेंसी द्वारा एक कार्रवाई में की गई ‘अब तक की सबसे ज्यादा’ बरामदगी है। रिजीजू ने आगे कहा कि बेंगलुरु में एक कांग्रेस नेता के रिश्तेदार से 42 करोड़ रुपये बरामद किए गए, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के कई मंत्री भ्रष्टाचार में शामिल हैं, तमिलनाडु में मंत्री सेंथिल बालाजी जेल में हैं और खुद को ‘कट्टर ईमानदार’ कहने वाली पार्टी के कई नेता जेल में हैं।