नई दिल्ली : भारत-कनाडा तनाव के बीच हाल ही में सामने आई रिपोर्ट का विदेश मंत्रालय ने खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि भारत ने सिख प्रवासी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उत्तरी अमेरिका में स्थित वाणिज्य दूतावासों को एक सीक्रेट मेमो भेजा था। भारत ने इसे फर्जी बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि हम साफ करते हैं कि यह रिपोर्ट फर्जी है और पूरी तरह से मनगढ़त हैं। यह भारत के खिलाफ सिर्फ एक दुष्प्रचार है। यह कोई ज्ञापन नहीं है। यह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी द्वारा फैलाया गया एक झूठ है। जो भी इन फर्जी खबरों को बढ़ा रहे हैं, वह केवल अपनी विश्वनीयता पर ही प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। बागची ने खंडन की जानकारी सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है। विदेशी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत ने अप्रैल 2023 में एक सीक्रेट मेमो जारी किया था।

इस मेमो में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर सहित कई सिख अलगाववादियों की सूची है। दावा है कि भारत ने निज्जर की हत्या से दो महीने पहले ही यह मेमो भेजा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसी साल जून में कनाडा के एक प्रमुख खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कनाडा के सरे में स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारे के नजदीक दो अज्ञात हमलावरों ने निज्जर पर हमला किया था। हमले में उसकी मौत हो गई थी। भारतीय एजेंसी एनआईए ने निज्जर को भगोड़ा घोषित किया था। बता दें, निज्जर गुरु नानक सिख गुरुद्वारे का अध्यक्ष था और कनाडा में चरमपंथी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का प्रमुख चेहरा था। निज्जर, खालिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख भी था।