फिलवक्त चक्रवात मिगजॉम ने तबाही मचा रखी है, इसका असर तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत के अन्य स्थानों पर भी देखा जा रहा है, इसकी वजह से बड़े पैमाने पर ट्रेनों की आवाजाही रद्द कर दी गई है, चक्रवात की वजह से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है तो कई दर्जन लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच गए हैं। हवाई सेवाएं भी ठप हैं। भारी बारिश की वजह से आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ गया है, संबंधित इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और आम लोग अपने-अपने घरों में दुबकने को बाध्य हैं। बड़ी संख्या में लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया ताकि उनकी  जान की रक्षा की जा सके। उल्लेखनीय है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार युद्ध स्तर पर लोगों तक राहत पहुंचा रही है और उनका बचाव कर रही है। सीएम स्टालिन के मुताबिक मूसलाधार बारिश से प्रभावित चेन्नई सहित नौ जिलों में कुल 61,666 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें अब तक भोजन के लगभग 11 लाख पैकेट और दूध के एक लाख पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। चेन्नई नगर निगम ने राहत कार्यों के लिए अन्य जिलों से पांच हजार श्रमिकों को बुलाया है। ये श्रमिक बचाव कार्य और राहत सामग्री वितरित करने के लिए उत्तरी चेन्नई के पेरियामेट और जलभराव वाले इलाकों में ट्रैक्टर और नौकाओं का उपयोग कर रहे हैं।

चेन्नई में चरणबद्ध तरीकों से बिजली आपूर्ति को बहाल किया जा रहा है। अमरावती मौसम विज्ञान केद्र के मुताबिक भीषण चक्रवाती तूफान के केंद्र के पास हवा की तीव्रता 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुं गई है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) की ओर से शेयर किए गए आंकड़े के अनुसार कोनसीमा, काकीनाडा, कृृष्णा, बापटला और प्रकाशम के सात जिलों से 9,454 लोगों को 211 राहत शिविरों में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। इसकी वजह से स्थानीय निवासियों को बाहर नहीं जाने की सलाह दी गई है। संबंधित क्षेत्र में कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है। 21 चक्रवात राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जबकि जिले में 10 पेड़ उखड़ गए हैं और पुलों में पानी सुरक्षित सीमा से बढ़ गया है। दूसरी ओर इसका भारी असर आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में देखा गया। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु तटों के निकट बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना भीषण चक्रवाती तूफान यहां भी पहुंच चुका है? मौसम केंद्र ने बताया कि गंभीर चक्रवाती तूफान के केंद्र के पास तूफान की वर्तमान तीव्रता 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा है और हवाएं 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति चल रही हैं।

आंध्र प्रदेश के पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के उत्तरी तमिलनाडु तटों पर मौसम प्रणाली पिछले छह घंटों में मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे तक 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर की दिशा में बढ़ी। मौसम विभाग को मंगलवार और बुधवार को आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान पहले ही से है। वैसे पश्चिम गोदावरी जिले के कई हिस्सों में रविवार रात से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, जिसमें अब तेजी आई है। पूर्वी गोदावरी जिले में कई नदियां और जलाशय उफान पर हैं। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि तू्फान की वजह से सिर्फदक्षिण भारत ही नहीं, बल्कि इसका देर-सबेर असर उत्तर भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी पड़ेगा। देर-सबेर देश के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। इसलिए इसके प्रति सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि चक्रवात या तूफान एक तरह से कुदरती कहर है। ऐसे वक्त में संबंधित राज्य सरकार को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। संकट की इस घड़ी में तमिलनाडु की सरकार पूरी तरह से सतर्क है और प्रभावित लोगों को अच्छी सुविधा पहुंचा रही है, इसमें कोई शक नहीं है। संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार की भी जिम्मेवारी बनती है कि वह राज्य सरकारों का सहयोग करते हुए पीड़ितों एवं प्रभावितों का सहयोग करे।