लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना इस खास दिन को मनाने का मकसद है। ऐसे में प्रदूषण को कंट्रोल करने की शुरुआत हम अपने घर से कर सकते हैं। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के जरिए, हवा, पानी और मिट्टी के बढ़ते प्रदूषण के बारे में लोगों के बीच जागरूकता पैदा की जाती है और उन्हें प्रदूषण नियंत्रण अधिनियमों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। कुछ दैनिक व्यवहार की चीजें हैं जिसपर अमल करने से आप प्रदूषण को रोकने कि दिशा में अपना योगदान दे सकते हैं ।

अंगीठी और हीटर : सर्दी के मौसम में हाथ सेंकने के लिए कई घरों में अंगीठी पर कोयले और लकड़ी जलाने की व्यवस्था होती है । इससे घर में फैलने वाले धुएं प्रदूषणकारी तत्व हमारे फेफड़ों और गले के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। जूतों के साथ घर में सबसे ज्यादा गंदगी आती है। इसलिए दरवाजे पर हमेशा डोर मैट की व्यवस्था रखें। घर के सदस्यों, दोस्तों और रिश्तेदारों को एंट्री के वक्त इसका अच्छे से इस्तेमाल करना चाहिए। इससे धूल कणों से होने वाले वायु प्रदूषण से बचाव हो सकता है।

स्पाइडर प्लांट्स : क्या आपको पता है कि इनडोर प्लांट्स न सिर्फ आपके घर के कार्बन डायॉक्साइड को अब्जॉर्ब करते हैं बल्कि कई अन्य नुकसादेह गैस को भी कम कर सकते हैं।

एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल : किचन में खाना पकाते वक्त निकलने वाले धूएं और बाथरूम की गैस को बाहर करने के लिए एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें।

पौधरोपण : अपने घर और मोहल्ले में अधिक से अधिक पेड़ लगाएं। पृथ्वी को हरा - भरा रखकर हम काफी हद तक बढ़ते प्रदूषण को रोकने में कदम बढ़ा सकते हैं ।

सीएनजी पंप : ईंधन के लिए लकड़ी, कोयला, केरोसिन के प्रयोग में कटौती करें और सीएनजी गैस का विकल्प अपनाएं।

इलेक्ट्रिक स्कूटर : वाहनों और यंत्रों के परिचालन में पेट्रोल,डीजल जैसे ईंधन से अत्यधिक कार्बन उत्सर्जित होता है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है इसके बदले में बैटरी चालित वाहनों और यंत्रों का अधिकाधिक उपयोग किया जा सकता है।

सौर ऊर्जा : ऊर्जा जरूरतों के लिए सौर ऊर्जा या ग्रीन एनर्जी एक आदर्श विकल्प है, जिसे अपनाया जा सकता है।

वनों की अंधाधुंध कटाई रोके : वनों की अंधाधुंध कटाई पर प्रभावी रोक लगाने का प्रयास करें क्योंकि वृक्ष ही वातावरण में मौजूद कार्बनडाई ऑक्साइड का अवशोषण कर हमें शुद्ध ऑक्सीजन देते हैं।