उत्तरकाशी : उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल से निकाले गए सभी 41 मजदूरों को चिन्यालीसौड़ से ऋषिकेश शिफ्ट किया गया है। बुधवार दोपहर में इंडियन एयरफोर्स का चिनूक हेलिकॉप्टर मजदूरों को लेकर ऋषिकेश पहुंचा। यहां एम्स में सभी का मेडिकल चेकअप हुआ। उन्हें यहां 48 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। एम्स की सीईओ प्रोफेसर मीनू सिंह ने कहा कि सभी मजदूरों का हमने ईसीजी कराया है। सभी स्वस्थ हैं। उनका ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेबल भी सही है। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुरंग से निकाले गए श्रमिकों को ऋषिकेश के एम्स में भर्ती किए जाने से पहले बुधवार को चिन्यालीसौड़ अस्पताल में उनसे मिलकर उनका हालचाल जाना और उन्हें एक-एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को निकालने के लिए चलाए गए बचाव अभियान के अंतिम दौर में मलबे में पाइप डालने के लिए रैट माइनिंग तकनीक से हाथ से खुदाई करने वाले श्रमिकों को भी 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर चलाए गए बचाव अभियान के जरिए सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिकों को 17 वें दिन मंगलवार रात को सकुशल बाहर निकाल लिया गया था। सुरंग से बाहर निकाले जाने के बाद उन्हें सिलक्यारा से 30 किलोमीटर दूर स्थित चिन्यालीसौड़ अस्थायी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था। हालांकि, सभी श्रमिक स्वस्थ हैं। बाद में श्रमिकों को हेलिकॉप्टर से ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जे जाया गया। अस्थायी अस्पताल में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक करके सभी श्रमिकों से उनका हाल-चाल जाना और पीठ थपथपाकर उनका हौसला बढ़ाया । इस दौरान कई श्रमिकों ने बिस्तर से उठकर उनके चरण स्पर्श किए तथा उनका आभार जताया । एक श्रमिक ने अपने मोबाइल फोन से मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी भी ली ।

इस दौरान, मुख्यमंत्री ने चंपावत जिले के टनकपुर के रहने वाले श्रमिक पुष्कर सिंह ऐरी की मां से फोन पर बात की और कहा कि सभी श्रमिकों को सकुशल बचाकर राज्य सरकार ने अपना वचन निभाया है। उन्होंने कहा कि उनका पुत्र सुरक्षित है और बड़े अस्पताल में जांच करवाने के उपरांत उसे घर भेज दिया जाएगा। अस्पताल के बाहर आकर उन्होंने श्रमिकों के परिजनों से भी बात की और पूछा कि उन्हें भोजन आदि की कहीं कोई समस्या तो नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बचाव अभियान में दुनिया के सबसे अच्छे प्रयास किए गए। धामी ने श्रमिकों से मुलाकात के दौरान उन्हें एक-एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि के चेक भी सौंपे ।