पूर्वांचल प्रहरी नगर संवाददाता जोरहाट : राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा आज दो दिवसीय दौरे के तहत माजुली पहुंचे। तय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने आज मंगलवार दोपहर जोरहाट-माजुली संयोगी पुल के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से पुल निर्माण के कार्य की प्रगति को लेकर बातचीत की। उन्होंने विभाग तथा निर्माता प्रतिष्ठान को जल्द से जल्द से निर्माण कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पुल निर्माण के चल रहे काम से वे काफी संतुष्ट हैं। मुख्यमंत्री हिमंत ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 या उसके आस-पास ही इसका काम संपूर्ण हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुल का निर्माण कार्य सटीक रूप से हो, इसके लिए भगवान से प्रार्थना करने का सभी से आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि पुल निर्माण को लेकर नकारात्मक चर्चा नहीं की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि पुल निर्माण का काम अब तक लगभग बीस प्रतिशत हो चुका है। आगामी बरसात के मौसम से पहले 35 प्रतिशत काम पूरा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पुल के माजुली और जोरहाट दोनों तरफ कास्टिंग यार्ड का काम जोरों पर चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पुल निर्माण में जल्दबाजी करना उचित नहीं है। इसके लिए इंजीनियर तथा तकनीकी सलाहकारों के निर्देश पर ही हमें आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने बताया किया कि पुल के 72 वेल में 70 का काम जोरों पर चलाया जा रहा है और अन्य दो का काम भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। वहीं विधायक विकास पूंजी को न देने के सवाल का जबाव देते हुए मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जहां सौ से दो सौ करोड़ रुपए का काम हो रहा है, वहां आप लोग विधायक क्षेत्र की विकास पूंजी के एक करोड़ रुपए के पीछे क्यों लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो विधायक अपने हिस्से के क्षेत्र विकास पूंजी को  सरकार से लाने में असमर्थ है। ऐसे विधायक को विधायक होकर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को चुनाव का टिकट नहीं देना चाहिए। विधायक पूंजी लाने में असमर्थ विधायकों की बात पर मुख्यमंत्री आखिर क्या जबाव दे सकते हैं। वहीं एपीएससी घोटाले के बारे में पत्रकारों के सवाल का जबाव देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संदर्भ में कानूनी प्रक्रिया चल रही है। इसे लेकर पुलिस प्रशासन अपने तरीके से काम रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में सीएम को कुछ नहीं करना है। क्योंकि सीएम के कई और काम होते हैं।

उन्होंने बताया कि सीएम को एक लाख युवाओं को नौकरी देना है, दो लाख लोगों को लोन, महिलाओं को माइक्रोफाइनेंस में राहत देने सहित काम करने है। उन्होंने कहा कि एपीएससी को लेकर नकारात्मक चर्चा नहीं की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि एपीएससी के घोटाले को लेकर ज्यादा चर्चा उचित नहीं है। क्योंकि नए उम्मीदवारों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हमें आगे की ओर देखना चाहिए। यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में युवा पीढ़ी इस तरह की परीक्षा में किसी संकोच के बिना हिस्सा ले सके। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में किसी प्रकार का घोटाला नहीं हुआ है। पत्रकारों को इस सरकार द्वारा होने वाले एपीएससी नियुक्ति के बारे में सवाल पूछना चाहिए। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा जिला भाजपा कार्यालय पहुंचकर भाजपा, अगप और गण शक्ति के पदाधिकारियों की उपस्थित में आगामी चुनाव को लेकर चर्चा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री कल बुधवार सुबह माजुली-लखीमपुर के बीच बन रहे निर्माणाधीन पुल का जायजा लेंगे। इधर अपने दौरे के क्रम में मुख्यमंत्री ने आज रात उत्तर कमालबायी सत्र में रासलीला महोत्सव में हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ लखीमपुर लोकसभा सीट से सांसद प्रदान बरुवा, जोरहाट के सांसद तपन कुमार गोगोई, विधायक क्रमश: भुवन गाम, मानव डेका, नव दलै सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता मौजूद थे।