ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के एक पंचायत ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। प्लास्टिक कचरे के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए पंचायत में बर्तन बैंक खोला है, जिसका उपयोग पंचायत क्षेत्र के गांवों में शादी-ब्याह व अन्य आयोजनों में नि:शुल्क किया जा रहा है। यह पहल भालेश्वर पंचायत की सरपंच सरोज देवी अग्रवाल ने की है। उन्होंने बताया कि सामाजिक या सामूहिक आयोजनों में बड़े पैमाने पर प्लास्टिक की थाली, कटोरी, गिलास आदि का उपयोग होता था, जिससे सुबह में कचरे का ढेर बन जाता था। यदि तेज हवा चली, तो ये सामान पूरे गांव में बिखर जाते थे। ज्यादातर लोग इस कचरे में आग लगा देते थे, जिससे वातावरण में जहरीली गैस फैलती थी। प्लास्टिक का यह कचरा हर तरह से मानव जीवन के लिए नुकसानदेह है। इस समस्या से समाधान के लिए पंचायत समिति में बर्तन बैंक के विकास का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे सर्वसम्मति के बाद पंचायत के सुदूर कुरुमुंडा गांव में स्थापित किया गया है। कुरुमुंडा ग्राम निधि से लगभग 75 हजार रुपए के स्टील व अल्युमीनियम के बर्तन खरीदे गए हैं।

इसमें थाली, कटोरी, गिलास के अलावा रसोई बनाने के बर्तन भी शामिल हैं। बर्तन बैंक की देखभाल गांव के चयनित बुजुर्गों द्वारा की जा रही है। उपयोग के बाद ग्रामीण साफ करके लौटा देते हैं। सरोज बताती हैं कि पंचायत क्षेत्र के अन्य छह गांवों में भी जल्द ही अपना बर्तन बैंक होगा। सरोज देवी बताती हैं कि प्लास्टिक के कचरे से भूमि की उर्वरा शक्ति तो समाप्त हो ही रही थी, पशुओं की हो रही मौत से भी सभी चिंतित थे। इससे पहले सरपंच सरोज ने एक और पहल की थी। वह पंचायत क्षेत्र के दिव्यांग व लाचार लोगों को उनके घर तक ड्रोन से पेंशन राशि पहुंचाती हैं। इसी वर्ष फरवरी में उन्होंने स्वयं के खर्च से ड्रोन खरीदा था। इस पहल से सरोज देवी अग्रवाल ने ओडिशा ही नहीं, देश भर में सुर्खियां बटोरी थीं। वहीं बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने बेटियों के जन्म पर पौधा लगाने का अभियान भी शुरू किया है। सरोज देवी राउरकेला से 10वीं पास है। वह पहले सरपंच व नायब सरपंच रह चुकी हैं। वह दो बार पंचायत समिति सदस्य भी रह चुकी हैं।