पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने 1,00,000 सरकारी नौकरियों में भर्ती करके आश्चर्य पैदा किया है,लेकिन इसके बावजूद असम में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राज्य में बेरोजगारों की संख्या 17 लाख छूने वाली है। राज्य रोजगार विनिमय पोर्टल के अनुसार असम में वर्तमान में 16 लाख 81 हजार 777 पंजीकृत बेरोजगार हैं। इनमें से 10,30,698 पुरुष और 6,77,769 महिला हैं। इसके अलावा रोजगार पोर्टल पर 309 थर्ड जेंडर बेरोजगारों ने भी रजिस्ट्रेशन कराया है। गौरतलब है कि पिछले साल जब 34,000 नौकरियों का विज्ञापन दिया गया था तब असम में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या लगभग 9,00,000 थी लेकिन अब पंजीकृत बेरोजगारी दर लगभग दोगुनी हो गई है।
सरकारी नौकरी के आवेदन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य होने से लाखों लोग रोजगार पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए आगे आए हैं। हालांकि सरकार 1,00,000 भर्ती करने का दावा करती है, लेकिन हकीकत में ये संख्या 60,000-70,000 तक ही सीमित है। क्योंकि एक ही समय में 2-3 नौकरियों के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का चयन किया गया था। नतीजा यह हुआ कि एक पद में जुड़ने पर बाकी पद फिर से खाली हो जाते हैं। वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने एक पद संभालने के बाद फिर इस्तीफा देकर नई नौकरी में ज्वाइन करते हैं। भले ही सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कदम उठाती है, लेकिन जोखिम यह है कि बेरोजगार जल्द ही आसान पैसा कमाने का रास्ता चुन लेंगे।