पटना : छठव्रतियों और अन्य श्रद्धालुओं को हादसा से बचाने के लिए घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती की गई है। बिहार के अलग-अलग जिलों में नदियों और प्रमुख तालाबों कर घाटों पर इनकी तैनाती की गई है। एनडीआरएफ की 8 टीम के 200 सदस्य अघ्र्य के दौरान गश्त करते रहेंगे। इसी तरह एसडीआरएफ की 14 टीमें तैनात की गई है। इसके 54 सदस्य अघ्र्य के दौरान सक्रिय रहेंगे। 224 नावों से भी गश्ती होगी। 312 गोताखोर को तैयार रहने के लिए कहा गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने छठ पूजा को लेकर कंट्रोल रूम भी एक्टिव किया है। आपात के समय लोग विभाग को फोन करके संपर्क कर सकते हैं। कंट्रोल रूम का नंबर 0612-2294204/205 है। इसके अलावा नागरिक सुरक्षा के 151 स्वयंसेवकों को भी तैयार किया गया है, जो गोताखोरों एवं आपदा कर्मियों की मदद करेंगे। बता दें कि बिहार में चार दिवसीय छठ पर्व का शुक्रवार को आगाज हुआ। पहले दिन नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत हुई। शनिवार को दूसरे दिन खरना है। छठव्रती पूरे दिन व्रत करके शाम में खीर का प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। बिहार के सभी प्रमुख सूर्य मंदिरों और गंगा-गंडक सहित अन्य नदी घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। इनमें औरंगाबाद के देव, पटना के उलार व पंडारक स्थित पुण्यार्क सूर्य मंदिर व अन्य सूर्य मंदिर शामिल हैं। इन सूर्य मंदिर परिसरों में छठ के मौके पर व्रतियों एवं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसके लिए जिला प्रशासन के माध्यम से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार सभी जगहों पर पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।
छठ घाटों पर अर्घ्य के समय 224 नावों से होगी गश्ती, 312 गोताखोर तैनात