भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को प्रचार का शोर थम गया। अब शुक्रवार को सभी 230 विधानसभा सीटों पर एक चरण में मतदान होगा, जबकि छत्तीसगढ़ के दूसरे चरण में बाकी 70 सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे। मध्य प्रदेश में चुनाव आयोग ने 64523 मतदान केंद्रों पर मतदान की तैयारी पूरी कर ली है। यहां पर जीपीएस से लैस वाहनों से पोलिंग पार्टियों और ईवीएम को भेजा जाएगा। आयोग ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी के लिए पीठासीन, सेक्टर और रिटर्निंग अधिकारियों को एप डाउनलोड कराया है। इस एप में मतदान दल के सामग्री लेने से पोलिंग बूथ पर पहुंचने और मतदान प्रक्रिया पूरी कराने के बाद उसको जमा करने तक की एक-एक जानकारी एप में भरनी होगी। वहीं, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया संवेदनशील पोलिंग बूथ पर सुरक्षा व्यवस्था के खास इंतजाम किए गए है। प्रदेश में करीब 17 हजार संवेदनशील पोलिंग बूथ है। चुनाव आयोग आधे पोलिंग बूथ की वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी करेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने चुनाव संबंधी किसी भी शिकायत या समस्या के निराकरण के लिए संभागवार टीम गठित कर दी है। 

इन अधिकारियों के अधीनस्त भी अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए है। निर्वाचन के दौरान आने वाली किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत के लिए दो दिन संपर्क किया जा सकता है।  दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को 70 सीटों पर दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होगा, जिसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री राज्य के आठ मंत्रियों और चार सांसदों समेत 958 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि शुक्रवार को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए तैयारी पूरी हो गई है तथा मतदान दलों को मतदान केंद्रों पर रवाना किया जा रहा है। राज्य विधानसभा चुनाव में इस बार सत्ताधारी दल कांग्रेस ने कुल 90 में से 75 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है,वहीं भाजपा राज्य में सत्ता में वापसी करना चाहती है। भाजपा ने यहां 2003 से 2018 तक लगातार 15 वर्षों तक राज किया है। अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में 70 सीटों पर 1,63,14,479 मतदाता 827 पुरुषों, 130 महिलाओं और एक तृतीय लिंग के उम्मीदवार समेत कुल 958 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

उन्होंने बताया कि रायपुर शहर पश्चिम सीट पर सबसे अधिक 26 उम्मीदवार हैं, जबकि डौंडीलोहारा निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम चार उम्मीदवार मैदान में हैं। अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में 70-70 उम्मीदवार भाजपा और कांग्रेस से तथा 43 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी (आप) से है। वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) से 62, हमर राज पार्टी के 33, बहुजन समाज पार्टी से 43 तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से 26 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, बिलासपुर संभाग की कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है। इस संभाग की कुछ सीटों पर जोगी की पार्टी और बसपा की अच्छी-खासी मौजूदगी है। वहीं आप भी इस क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि राजिम जिले की नक्सल प्रभावित बिंद्रानवागढ़ सीट के नौ मतदान केंद्रों में सुबह सात बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक मतदान होगा जबकि अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का समय सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक है। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में कुल मतदाताओं में से 81,41,624 पुरुष, 81,72,171 महिलाएं और 684 तीसरे लिंग के मतदाता हैं। दूसरे चरण के लिए 18,833 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन मतदान केंद्रों में से 700 संगवारी बूथ हैं जिनका प्रबंधन महिला मतदानकर्मियों द्वारा किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री बघेल अपनी पारंपरिक पाटन सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जहां भाजपा ने उनके दूर के भतीजे और पार्टी के सांसद विजय बघेल को मैदान में उतारा है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी के पाटन से मैदान में उतरने से मुकाबले में एक और आयाम जुड़ गया है। अंबिकापुर में टीएस सिंह देव के खिलाफ भाजपा ने नए चेहरे राजेश अग्रवाल को मैदान में उतारा है। अग्रवाल 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। राज्य के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 44 सीटें सामान्य है जबकि 17 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए और नौ सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस ने इन 70 निर्वाचन क्षेत्रों में से 51 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 13, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) को चार और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को दो सीटों पर जीत मिली थी। बाद में कांग्रेस ने उपचुनाव में एक और सीट जीत ली थी। राज्य में इस विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया और दूसरे चरण से पहले उन्होंने चार बड़ी रैलियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान राज्य सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भ्रष्टाचार, विशेष रूप से कथित महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाले, लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले और नक्सलवाद को लेकर निशाना साधा। उन्होंने राज्य में पार्टी की सरकार बनने पर भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया।