ब्लड शुगर का अनियंत्रित होना डायबिटीज का कारण बनती है। हालांकि अगर आपका शुगर लेवल अक्सर बढ़ा रहता है तो ये कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है। डायबिटीज वाले लोगों में समय के साथ कई अन्य प्रकार की भी स्वास्थ्य समस्याओं के बढऩे का भी खतरा हो सकता है, हाई ब्लड प्रेशर भी उनमें से एक है। डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज के साथ जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की भी दिक्कत होती है, उन्हें अपनी सेहत को लेकर और भी अलर्ट रहने की सलाह दी जाती है। मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ वसीम गौहरी कहते हैं, यदि आपको मधुमेह है, तो आप पहले से ही अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के महत्व के बारे में जानते ही होंगे, पर ऐसे लोगों को ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
मधुमेह और उच्च रक्तचाप के बीच एक मजबूत संबंध है। टाइप-2 डायबिटीज वाले हर तीन में से दो लोगों को उच्च रक्तचाप का खतरा रहता है, ये संयोजन आंखों से लेकर किडनी और हार्ट के लिए भी बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकती है। डॉ. वसीम कहते हैं, मधुमेह, दुनियाभर में किडनी फेलियर की समस्या का प्रमुख कारण है, एक तिहाई मधुमेह रोगियों में किडनी की बीमारी विकसित हो सकती है। ज्यादातर मामलों के निदान में देखा जाता है ये समस्या ब्लड शुगर के साथ ब्लड प्रेशर के भी अनियंत्रित समस्या के कारण होती है। किडनी की समस्याओं के अलावा डायबिटिक रोगियों में ब्लड प्रेशर बढऩे की समस्या हृदय रोगों और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकती है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप दोनों से पीडि़त लोगों में दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा लगभग दोगुना होता है। स्वस्थ आहार खाने और नियमित व्यायाम करने जैसी जीवनशैली बनाकर मधुमेह के साथ-साथ उच्च रक्तचाप की जटिलताओं को भी कम किया जा सकता है।