नई दिल्ली : पड़ोसी देश पाकिस्तान की धरती पर भारतीय मोस्ट वांटेड आतंकियों की हत्या का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इस कड़ी में रविवार को एक नया नाम जुड़ गया। जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के करीबी मौलाना रहीम तारिक उल्ला की रविवार को कराची में हत्या कर दी गई है। अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। मौलाना मसूद अजहर वही शख्स है जिसे साल 1999 के कंधार प्लेन हाईजैक कांड के बाद तत्कालीन भारत सरकार ने मुक्त कर दिया था। सूत्रों का कहना है कि मौलाना रहीम तारिक उल्ला रविवार को कराची में भारत विरोधी एक समारोह के दौरान भीड़ को संबोधित करने जा रहा था। इसी दौरान उसकी हत्या हुई।

पाकिस्तान में बीते एक साल में करीब एक दर्जन भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की हत्या हो चुकी है। बीते सप्ताह लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के करीबी अकरम खान उर्फ अकरम गाजी की भी इसी तर्ज पर हत्या कर दी गई थी। बाजापुर में अज्ञात हमलावरों ने ही उसे भी गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। ऐसे ही मसूद अजहर के करीबी दाऊद मलिक की हत्या पाकिस्तान के उत्तरी वजीरीस्तान में कुछ सप्ताह पहले कर दी गई थी। उसे भी अज्ञात लोगों ने ही गोली मारी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जब भारतीय सेना ने पुलावामा हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की थी, तब जांच एजेंसियों के पास दाऊद मलिक के वहीं छिपे होने की सूचना थी। हालांकि इन हमलों में वो बच गया था। मौलाना मसूद अजहर 90 के दशक में कश्मीर में अपनी सक्रियता बढ़ा रहा था।