डायबिटीज तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, लगभग सभी उम्र के लोगों में इस रोग का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड शुगर बढऩे के कारण होने वाली डायबिटीज की बीमारी का अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो इसके कारण कई प्रकार की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का भी खतरा हो सकता है। डायबिटीज की अनियंत्रित स्थिति हृदय, आंखों से लेकर किडनी और मेटाबॉलिज्म तक के लिए समस्याओं को बढ़ाने वाली मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी उम्र के लोगों को डायबिटीज से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि शारीरिक सक्रियता को बढ़ाने से डायबिटीज और हृदय रोग जैसे क्रोनिक बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

अगर आप नियमित रूप से रनिंग-वाकिंग जैसे अभ्यास करते हैं तो यह भी आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायक हो सकती है। आइए जानते हैं कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ डायबिटीज रोगियों को रोजाना कितने कदम चलने की सलाह देते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जीवनशैली में उचित बदलाव करना मधुमेह को प्रबंधित करने और इसकी विभिन्न जटिलताओं से बचाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। इसी क्रम में हर दिन वॉक करने की आदत बनाना टाइप-2 मधुमेह वाले लोगों में शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में काफी लाभकारी हो सकती है। कई अध्ययन, मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को कंट्रोल करने में शारीरिक गतिविधि के सकारात्मक प्रभावों की पुष्टि करते हैं। ज्यादातर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रोजाना 30-45 मिनट पैदल चलने की आदत इसमें आपके लिए सकारात्मक प्रभावों वाली हो सकती है।