गुवाहाटी : भाजपा का मुकाबला करने के लिए 13 भाजपा विरोधी राजनीतिक दल फिर से एकजुट हो गए हैं। गुरुवार को गुवाहाटी के एक होटल में 13 राजनीतिक दलों के विपक्षी एकता मंच की बैठक में कार्बी आंग्लांग के एक आंचलिक दल और शिव सेना की असम शाखा भी शामिल हुई। बैठक में विपक्षी एकता मंच के तहत किसी भी दल ने सीट समझौते पर कोई आपत्ति नहीं की। बैठक में जीतने की संभावना वाली पार्टी को नामांकित करने का निर्णय लिया गया। 2 नवंबर में डिब्रूगढ़ में होने वाली बैठक में इस मामले पर विस्तार से चर्चा करने का निर्णय लिया गया। गुरुवार को गुवाहाटी के एक होटल में 13 राजनीतिक दलों के नेतृत्व की लंबी बैठक के बाद एपीसीसी अध्यक्ष भूपेन बोरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बैठक में 13 राजनीतिक दलों ने 2024 के लोकसभा चुनाव जीतने के उद्देश्य से एक संयुक्त न्यूनतम कार्यक्रम दायर किया है और भाजपा के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करने का फैसला लिया है।
भूपेन बोरा ने आगे कहा कि बैठक में आज असम के 13 राजनीतिक दलों के एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम की तैयारी के लिए एक मसौदा तैयार करने के लिए रिपुन बोरा को जिम्मेदारी सौंपी गई। मौजूदा भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ असम के लोगों की जो शिकायतें हैं, जैसे विजन डॉक्यूमेंट लागू करने में सरकार की विफलता, भ्रष्टाचार के कई आरोप आदि को लेकर एक आरोप पत्र तैयार करने के लिए सांसद अजीत कुमार भुइयां और कांग्रेस विधायक रकीबुल हुसैन को इसकी जिम्मेदारी दी गई। 2 नवंबर में होने वाली बैठक में भाजपा के खिलाफ आरोपपत्र का मसौदा पेश किया जाएगा। बैठक में उम्मीदवार-केंद्रित मुद्दों की बुनियादी बातों पर खुलकर चर्चा की गई। संवाददाता सम्मेलन में भाग लेकर असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई ने कहा कि सत्तावादी भाजपा को रोकने के लिए रणनीति तैयार करने के लिए आज 13 राजनीतिक दल एकजुट होकर काम करने का निर्णय लिया है। इस मुद्दे पर संदेह का माहौल बनाने के लिए भाजपा और उनके एजेंटों द्वारा जिस तरह का प्रचार किया जा रहा है, उसके खिलाफ बैठक में स्पष्ट निर्णय लिया गया है कि हम सभी पार्टी हितों या व्यक्तिगत हितों से परे एकजुटता से लड़ेंगे। बैठक में देश भर में बनी आम सहमति का सम्मान करने और लोकतंत्र की सुरक्षा के हित में भ्रष्टाचार के खिलाफ लडऩे का निर्णय लिया गया है। हम सब जानते हैं कि हमारा दुश्मन कौन है।
कोई भी साजिश एकता मंच को विचलित नहीं कर सकता। भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ विपक्ष का साझा उम्मीदवार होगा और उसके विरुद्ध प्रचार हम सबको मार्गभ्रष्ट नहीं कर सकता। विपक्षी एकता मंच यह सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास करेगा कि राज्य के सभी हिस्सों में विपक्षी खेमे का एक भी वोट नष्ट न हो। विपक्षी एकता मंच 38 प्रतिशत वोट के मुकाबले 62 प्रतिशत वोट के लिए एकजुट होकर हर कदम उठाने को तैयार है। गौरतलब है कि अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले राइजर दल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार का नामांकन नहीं करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। क्षेत्रीय पार्टी ने भाजपा को हराने के उद्देश्य से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। इस संदर्भ में विपक्षी राजनीतिक एकता मंच को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि यह समय की पुकार है कि आगामी 2024 के आम चुनावों में सर्वोच्च बलिदान देकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को उखाड़ फेंका जाए। इसलिए राइजर दल की कार्यकारिणी समिति ने सर्वसम्मति से विपक्षी एकता मंच के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव में किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लडऩे से परहेज करने का प्रस्ताव लिया।