मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में सीटों के तालमेल को लेकर कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच मतभेद सार्वजनिक हो चुका है। दोनों ही पार्टी के नेताओं के बीच की तल्खी ने विपक्षी एकता को निश्चित रूप से कमजोर किया है। समाजवादी पार्टी ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस से जिन छह सीटें देने की मांग की थी, कांग्रेस ने पहले ही उन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इसको लेकर तिलमिलाये सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर सीधे-सीधे धोखा देने का आरोप लगा दिया। इस बारे में पूछे जाने पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि वह किसी भी अखिलेश को नहीं जानते। इसके बाद सपा के नेताओं तथा कांग्रेस के नेताओं के बीच तनातनी का माहौल बन गया।
बिगड़ते माहौल को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान द्वारा मामले को संभालने की कोशिश की जा रही है। यह सही है कि मध्यप्रदेश के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में सपा का प्रभाव है लेकिन कांग्रेस का मानना है कि मध्यप्रदेश में उनकी पार्टी को किसी से समर्थन की जरुरत नहीं है। मध्यप्रदेश का चुनाव कांग्रेस कमलनाथ की छवि पर लड़ रही है। यही अवस्था उत्तर प्रदेश की भी है। यहां सपा लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पांच से ज्यादा सीट देने को तैयार नहीं है, जबकि कांग्रेस 20 सीट की मांग कर रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय तथा सपा के बीच समय-समय पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है। पहले के विधानसभा चुनाव में सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, किंतु उसका कोई विशेष लाभ नहीं मिला। घोषी उपचुनाव में मिली जीत के बाद सपा का आत्मविश्वास बढ़ा है।
मध्यप्रदेश की राजनीतिक स्थिति का असर उत्तर प्रदेश में निश्चित रूप से पड़ेगा। यह स्थिति केवल इन्हीं हो पार्टियों के बीच नहीं है, आम आदमी पार्टी ने भी राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। सपा भी मध्यप्रदेश के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने जा रही है। सपा और आप निश्चित रूप से कांग्रेस का वोट काटेंगे। पश्चिम बंगाल में भी ममता बनर्जी वामपंथी पाटियों एवं कांग्रेस को ज्यादा तवज्जो देने के मूड में नहीं है। यही कारण है कि माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने तृणमूल कांग्रेस से पश्चिम बंगाल में किसी भी गठबंधन से इनकार किया है। विधानसभा चुनाव में विपक्षी पार्टियों के बीच चल रही तनातनी का असर लोकसभा चुनाव पर पड़ना तय है।